भारतीय फुटबॉल दिग्गज सुनील छेत्री ने जमशेदपुर एफसी के इंडियन सुपर लीग (ISL) से हटने के फैसले पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे भारतीय फुटबॉल के लिए एक 'करोड़ों का झटका' बताया है।

मुख्य बातें

  • जमशेदपुर एफसी ने 2026-27 सीजन से ISL से हटने की घोषणा की है।
  • सुनील छेत्री ने इस फैसले को भारतीय फुटबॉल के लिए एक 'बड़ा झटका' बताया है।
  • संभावित कारण AIFF द्वारा निर्धारित 1.1 करोड़ रुपये का प्रशासनिक शुल्क है।
  • टाटा समूह की अनुपस्थिति को भारतीय फुटबॉल के लिए 'आपदा' माना जा रहा है।

भारतीय फुटबॉल के महानतम खिलाड़ी सुनील छेत्री ने जमशेदपुर एफसी (Jamshedpur FC) के इंडियन सुपर लीग (ISL) से अचानक बाहर होने के फैसले पर अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की है। छेत्री ने इस विकास को एक 'पेट पर घूंसे' (punch in the gut) जैसा बताया और क्लब प्रबंधन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का भावुक आग्रह किया है।

जमशेदपुर एफसी, जो 2021-22 सीजन की ISL विजेता शील्ड की विजेता रही है, ने 31 जुलाई को अपनी भागीदारी शुल्क की समय सीमा चूकने के कुछ ही घंटों बाद लीग से हटने की घोषणा कर दी। इस फैसले के बाद आगामी 4 सितंबर से शुरू होने वाले सीजन में अब केवल 13 टीमें ही हिस्सा लेंगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, जमशेदपुर एफसी का जाना केवल एक टीम का जाना नहीं है, बल्कि भारतीय फुटबॉल के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ा संकट है। टाटा समूह, जो टाटा फुटबॉल अकादमी (TFA) के माध्यम से वर्षों से भारतीय फुटबॉल का आधार रहा है, का शीर्ष स्तर से हटना खेल के भविष्य के लिए चिंताजनक है।

जमशेदपुर का प्रथम टीम संचालन बंद करना एक गहरा झटका है; टाटा समूह का भारतीय फुटबॉल के शीर्ष स्तर पर न होना एक आपदा होगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस निर्णय के पीछे अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) का वह निर्देश हो सकता है, जिसमें क्लबों को 1.1 करोड़ रुपये का प्रशासनिक शुल्क दो किस्तों में देना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, क्लब ने स्पष्ट किया है कि जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (JFSPL) जमीनी स्तर पर खेल को बढ़ावा देना जारी रखेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

जमशेदपुर एफसी ने 2017 में ISL में अपना डेब्यू किया था। टाटा समूह ने न केवल इस क्लब का निर्माण किया, बल्कि टाटा फुटबॉल अकादमी (TFA) के माध्यम से देश के बेहतरीन खिलाड़ियों को तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

क्या आप जानते हैं?: जमशेदपुर एफसी ने 2021-22 सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए ISL विजेता शील्ड अपने नाम की थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. जमशेदपुर एफसी ने ISL क्यों छोड़ी?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, AIFF द्वारा लगाए गए 1.1 करोड़ रुपये के प्रशासनिक शुल्क का भुगतान न कर पाना इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।

2. क्या टाटा समूह भारतीय फुटबॉल से पूरी तरह हट रहा है?
नहीं, क्लब ने कहा है कि वे जमीनी स्तर (grassroots level) पर खेल के विकास के लिए काम करना जारी रखेंगे।