प्रमुख कंकशन विशेषज्ञ डॉ. पॉल मैकक्रेरी पर बार-बार सिर पर लगने वाली चोटों और क्रोनिक ट्रॉमैटिक एन्सेफैलोपैथी (CTE) के बीच संबंध को कम आंकने का आरोप लगा है। उनके विवादास्पद बयानों और साहित्यिक चोरी (Plagiarism) के आरोपों ने वैश्विक खेल सुरक्षा प्रोटोकॉल की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य निष्कर्ष
- कंकशन इन स्पोर्ट ग्रुप (CISG) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पॉल मैकक्रेरी को सीटीई (CTE) के खतरों को कम आंकने और इसे "हंगामा" (hoo-ha) बताने के लिए भारी आलोचना का सामना करना पड़ा।
- मैकक्रेरी पर बोस्टन यूनिवर्सिटी के सीटीई शोध के आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करने और न्यूनतम जोखिम को अधिकतम बताने का आरोप है।
- साहित्यिक चोरी (plagiarism) के आरोपों के बाद 2022 में उनके इस्तीफे ने वैश्विक खेल नियमों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिली गायटन, शेन क्रिस्टी, निक लोडेन और मार्शॉन नीलैंड जैसे रग्बी यूनियन, ऑस्ट्रेलियाई रूल्स और एनएफएल (NFL) के कई युवा खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी जान ले ली। मरणोपरांत जांच में इन सभी को क्रोनिक ट्रॉमैटिक एन्सेफैलोपैथी (CTE) से पीड़ित पाया गया, जो बार-बार सिर पर लगने वाली चोटों के कारण मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाओं के धीरे-धीरे नष्ट होने की बीमारी है। इसके बावजूद, खेल जगत में सिर की चोटों और सीटीई के बीच के संबंध को लेकर दशकों से बहस छिड़ी हुई है।
एक दशक पहले, दुनिया के अग्रणी कंकशन विशेषज्ञों में से एक, पॉल मैकक्रेरी ने मेलबर्न विश्वविद्यालय में एक व्याख्यान के दौरान एनएफएल में कंकशन की रिपोर्टों का हवाला देते हुए सिर की चोटों और सीटीई के बीच के संबंध को केवल "हंगामा और बकवास" (hoo-ha) करार दिया था। उनके इस बयान ने खेल सुरक्षा कार्यकर्ताओं और न्यूरोसाइंटिस्टों को हैरान कर दिया था, क्योंकि मैकक्रेरी का प्रभाव फीफा (FIFA), अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) और वर्ल्ड रग्बी जैसे बड़े खेल निकायों की कंकशन नीतियों पर बहुत गहरा था।
यह क्यों मायने रखता है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि वर्ल्ड रग्बी और फीफा जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों द्वारा विशेषज्ञों के एक छोटे समूह पर अत्यधिक निर्भरता ने एक खतरनाक भ्रम पैदा किया, जिससे खिलाड़ियों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुधारों में एक दशक से अधिक की देरी हुई। व्यावसायिक हितों को वैज्ञानिक सत्य से ऊपर रखने की इस प्रवृत्ति ने अनगिनत एथलीटों के जीवन को गंभीर खतरे में डाल दिया।
न्यूरोसाइंटिस्ट क्रिस नाउविंस्की के अनुसार, मैकक्रेरी ने बोस्टन यूनिवर्सिटी के सीटीई सेंटर के आंकड़ों को बेहद भ्रामक तरीके से पेश किया। मैकक्रेरी ने दावा किया कि सेवानिवृत्त एथलीटों में सीटीई का जोखिम केवल 4% है, जबकि शोध में कहा गया था कि न्यूनतम जोखिम 4% है और अधिकतम जोखिम 90% से अधिक हो सकता है। इस तरह आंकड़ों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने से इस गंभीर मुद्दे की संवेदनशीलता पूरी तरह खत्म हो गई।
"उन्होंने मूल रूप से सीटीई अनुसंधान की विश्वसनीयता को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, और हम कभी भी उन खोए हुए वर्षों के दौरान एथलीटों के जीवन को हुए नुकसान की पूरी सीमा नहीं जान पाएंगे।"
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कंकशन इन स्पोर्ट ग्रुप (CISG) का गठन वैश्विक मानक स्थापित करने के लिए किया गया था। हालांकि, 2010 में, CISG के ज्यूरिख सर्वसम्मति के आधार पर, रग्बी की कंकशन स्टैंड-डाउन अवधि (चोट के बाद आराम की अवधि) को 21 दिनों से घटाकर केवल 6 दिन कर दिया गया था। इस खतरनाक फैसले ने खिलाड़ियों को उनके मस्तिष्क के पूरी तरह ठीक होने से पहले ही मैदान पर वापस भेज दिया, जिससे वे गंभीर सेकेंडरी इंपैक्ट सिंड्रोम के शिकार हो गए। 2022 में इस अवधि को दोबारा बढ़ाकर 12 दिन किया गया।
| मापदंड | पुराना CISG प्रोटोकॉल (2010) | आधुनिक प्रोटोकॉल (2022 के बाद) |
|---|---|---|
| कंकशन स्टैंड-डाउन अवधि | 6 दिन | 12 दिन (अपवादों के साथ) |
| वैज्ञानिक सहमति | सीटीई लिंक को लेकर संशयवादी | स्वीकार करता है कि बार-बार लगने वाली चोट से सीटीई होता है |
| विशेषज्ञ प्रभाव | कुछ प्रमुख हस्तियों का वर्चस्व | बहु-विषयक स्वतंत्र पैनल |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. सीटीई (CTE) क्या है?
क्रोनिक ट्रॉमैटिक एन्सेफैलोपैथी (CTE) एक प्रगतिशील मस्तिष्क रोग है जो बार-बार सिर पर लगने वाली चोटों और कंकशन से जुड़ा है। यह आमतौर पर रग्बी, एनएफएल और बॉक्सिंग जैसे संपर्क खेलों के एथलीटों में पाया जाता है।
2. डॉ. पॉल मैकक्रेरी ने इस्तीफा क्यों दिया?
डॉ. पॉल मैकक्रेरी ने अपने वैज्ञानिक प्रकाशनों में साहित्यिक चोरी (Plagiarism) और स्व-साहित्यिक चोरी के कई गंभीर आरोपों के बाद 2022 में कंकशन इन स्पोर्ट ग्रुप (CISG) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।