ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवच और प्रीति पवार ने अब एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भारतीय मुक्केबाजी दल ने कुल 10 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है।

मुख्य बातें

  • सचिन सिवच ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
  • प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया।
  • भारतीय मुक्केबाजी दल ने CWG 2026 में कुल 10 पदक (7 स्वर्ण) जीते।
  • अगला लक्ष्य: जापान में एशियाई खेल और लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028।

ग्लास्गो में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बाद भारतीय मुक्केबाजी टीम के नायकों का दिल्ली हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। मुक्केबाज सचिन सिवच और प्रीति पवार ने रिंग में अपना लोहा मनवाते हुए स्वर्ण पदक जीतकर न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल की, बल्कि भारतीय मुक्केबाजी के स्वर्ण युग की नींव भी रखी।

स्वर्ण पदक और तिरंगे का गौरव

पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में एक रोमांचक मुकाबले के बाद, सचिन सिवच ने नामीबिया के ट्राईएगेन मॉर्निंग नडेवेलो को 3-2 के करीबी निर्णय से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सचिन ने भावुक होते हुए कहा कि जब राष्ट्रगान बजता है और तिरंगा लहराता है, तो वह खुशी शब्दों से परे होती है। उन्होंने कहा, "यही वह वजह है जिसके लिए हम खेलते हैं। मेरा अगला लक्ष्य एशियाई खेलों से स्वर्ण लाना है।"

क्यों महत्वपूर्ण है यह जीत?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस जीत ने भारतीय मुक्केबाजी के प्रति वैश्विक दृष्टिकोण बदल दिया है। CWG 2026 में भारतीय मुक्केबाजी दल ने कुल 10 पदक जीते, जिसमें 7 स्वर्ण पदक शामिल थे, जो देश के अब तक के सबसे सफल मुक्केबाजी प्रदर्शनों में से एक है।

"तिरंगे को ऊपर जाते देखना एक अलग ही अहसास है, यह हमारे संघर्षों का सबसे बड़ा पुरस्कार है।" - सचिन सिवच

वहीं, 2022 एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को सर्वसम्मति से हराकर स्वर्ण पदक जीता। प्रीति ने स्पष्ट किया कि उनकी दृष्टि केवल आगामी जापान एशियाई खेलों पर ही नहीं, बल्कि लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 पर भी टिकी है।

ऐतिहासिक संदर्भ और भविष्य की राह

ग्लास्गो 2026 के समापन के साथ ही भारत ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की ओर कदम बढ़ा दिए हैं, जिसका ध्वज अब अहमदाबाद को सौंपा गया है। भारत ने इस संस्करण में कुल 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत, 9 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया।

क्या आप जानते हैं?: भारत ने 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए आधिकारिक तौर पर अहमदाबाद को चुना है, जो खेल इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: सचिन सिवच ने किस भार वर्ग में स्वर्ण जीता?
उत्तर: सचिन सिवच ने पुरुषों के 60 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।

प्रश्न 2: भारतीय मुक्केबाजी दल ने CWG 2026 में कुल कितने पदक जीते?
उत्तर: भारतीय मुक्केबाजी दल ने कुल 10 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण पदक शामिल थे।