स्पेन के वैलेंसिया में आयोजित इंटरनेशनल गे गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे कर्नाटक के एथलीटों ने भारत में क्वीर समुदाय के लिए समावेशी खेल ढांचे की मांग की है। गोटी और सुमित पवार ने खेलों में 'तीसरे लिंग' की श्रेणी जोड़ने पर जोर दिया है।

मुख्य बातें

  • गोटी ने 4 स्वर्ण और कई रजत पदक जीते, जबकि सुमित पवार ने भाला फेंक में स्वर्ण जीता।
  • एथलीटों ने भारतीय खेल ढांचे में 'तीसरे लिंग' (Third Gender) की श्रेणी शामिल करने की अपील की।
  • वैलेंसिया, स्पेन में आयोजित गे गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले केवल तीन खिलाड़ी थे।
  • एथलीटों ने क्वीर समुदाय के लिए सुरक्षित और समावेशी खेल स्थानों की आवश्यकता पर बल दिया।

स्पेन के वैलेंसिया में संपन्न हुए इंटरनेशनल गे गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले कर्नाटक के एथलीटों ने अब राज्य सरकार से खेल जगत में समावेशिता लाने की अपील की है। गोटी और सुमित पवार, जो भारत के उन तीन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने इस वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व किया, ने कहा कि भारत में क्वीर समुदाय के लिए खेल के पर्याप्त अवसर और मंच मौजूद नहीं हैं।

एक सम्मान समारोह के दौरान, एथलीटों ने तर्क दिया कि हालांकि भारत तीन लिंगों को मान्यता देता है, लेकिन अधिकांश खेल प्रतियोगिताएं अभी भी केवल दो लिंगों तक सीमित हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि खेल श्रेणियों में 'तीसरे लिंग' को शामिल किया जाए, तो यह समावेशिता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम होगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत में खेल संस्कृति का विस्तार केवल शारीरिक क्षमता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता से भी जुड़ा है। जब तक खेल संस्थाएं गैर-बाइनरी और तीसरे लिंग के एथलीटों को उचित श्रेणी नहीं देतीं, तब तक भारत वैश्विक स्तर पर अपनी पूरी प्रतिभा का उपयोग नहीं कर पाएगा।

"एक एथलीट को उसकी पहचान से ऊपर उठकर केवल एक एथलीट के रूप में देखा जाना चाहिए।"

गोटी, जो एक IGCSE शिक्षिका हैं, ने बताया कि दौड़ने ने उन्हें उनके शरीर के साथ एक गहरा जुड़ाव महसूस कराया है। वहीं, सुमित पवार, जो वर्तमान में म्यूजियम ऑफ आर्ट्स एंड फोटोग्राफी (MAP) में कार्यरत हैं, ने गर्व से कहा कि स्टेडियम में तिरंगा लहराना उनके जीवन के सबसे गौरवशाली क्षणों में से एक था।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

गे गेम्स (Gay Games) दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय LGBTQIA+ खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम है, जो हर चार साल में एक बार आयोजित किया जाता है। यह आयोजन न केवल प्रतिस्पर्धा का मंच है, बल्कि वैश्विक स्तर पर विविधता और समावेशिता का प्रतीक भी है।

क्या आप जानते हैं?: इंटरनेशनल गे गेम्स में 10,000 से अधिक प्रतिभागियों में से केवल तीन खिलाड़ी भारत से थे, जो भारतीय क्वीर एथलीटों के लिए बढ़ते अवसरों की आवश्यकता को दर्शाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. गोटी ने कौन से पदक जीते?
गोटी ने हाई जंप, 5K रन, 10,000 मीटर इनडोर रन और मैराथन में कुल चार स्वर्ण पदक जीते।

2. सुमित पवार ने किस स्पर्धा में जीत हासिल की?
सुमित पवार ने भाला फेंक (Javelin Throw) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।