पूर्व भारतीय महिला हॉकी कप्तान असुनता लकड़ा ने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और हॉकी इंडिया की नैतिकता समिति की कानूनी वैधता को चुनौती दी है।

मुख्य बातें

  • असुनता लकड़ा ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को 'झूठा और दुर्भावनापूर्ण' बताया है।
  • उन्होंने हॉकी इंडिया की नैतिकता समिति की कार्यक्षेत्र और अधिकारिता (Jurisdiction) पर सवाल उठाए हैं।
  • यह मामला कोच सुधीर गोला और हॉकी इंडिया के महासचिव के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़ा है।

पूर्व भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान और चयनकर्ता असुनता लकड़ा ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने न केवल आरोपों को आधारहीन बताया, बल्कि हॉकी इंडिया की नैतिकता समिति (Ethics Committee) की कानूनी शक्ति और उसकी कार्यवाही की वैधता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

असुनता ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राघवेंद्र कुमार, जो नैतिकता समिति के अध्यक्ष हैं, को भेजे अपने विस्तृत जवाब में कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप 'झूठे, निराधार, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यों का पूर्णतः गलत चित्रण' हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब खिलाड़ी अल्बेला रानी टोप्पो द्वारा उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हॉकी इंडिया के भीतर शासन और शक्ति के संतुलन को भी दर्शाता है। असुनता ने तर्क दिया है कि नैतिकता समिति के पास स्वतः संज्ञान (Suo-motu) लेने का अधिकार नहीं है और किसी भी जांच को शुरू करने से पहले अध्यक्ष द्वारा लिखित संदर्भ दिया जाना अनिवार्य है।

"यह मामला खेल प्रशासन में पारदर्शिता और संस्थागत नियमों के पालन की एक बड़ी परीक्षा है।"

गौरतलब है कि असुनता लकड़ा ने पहले कोच सुधीर गोला पर यौन दुराचार और हॉकी इंडिया के महासचिव भोलनाथ सिंह पर आपराधिक धमकी के गंभीर आरोप लगाए थे। अब उन्होंने इस प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि महासचिव, जो खुद इस मामले में जांच के घेरे में हैं, उनके कहने पर नोटिस जारी करना अनुचित है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारतीय महिला हॉकी में असुनता लकड़ा का नाम एक दिग्गज के रूप में दर्ज है। खेल जगत में उनके द्वारा उठाए गए ये आरोप खेल प्रशासन के भीतर सुरक्षा और जवाबदेही के पुराने संघर्षों को फिर से जीवित कर देते हैं।

क्या आप जानते हैं?: भारतीय महिला हॉकी टीम ने हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की है, लेकिन प्रशासनिक विवाद अक्सर खिलाड़ियों के ध्यान को भटकाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: असुनता लकड़ा ने किन पर आरोप लगाए थे?
उत्तर: उन्होंने कोच सुधीर गोला पर यौन दुराचार और महासचिव भोलनाथ सिंह पर आपराधिक धमकी के आरोप लगाए थे।

प्रश्न 2: असुनता का मुख्य कानूनी तर्क क्या है?
उत्तर: उनका तर्क है कि नैतिकता समिति को बिना अध्यक्ष के लिखित निर्देश के कोई जांच शुरू करने का अधिकार नहीं है।