BCCI ने सस्पोर्ट मेडिसिन (SSM) प्रमुख की नियुक्ति में कई बार उम्मीदवारों के पीछे हटने के बाद प्रक्रिया को रोक दिया है। यह स्थिति भारतीय क्रिकेट की चोट समस्याओं को और उजागर कर रही है।

मुख्य बिंदु

  • SSM प्रमुख की नियुक्ति में कई उम्मीदवारों ने हटने का फैसला किया
  • इंजरी प्रबंधन पर दबाव बढ़ रहा है
  • BCCI के कोऑर्डिनेटेड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भविष्य अनिश्चित

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने सस्पोर्ट मेडिसिन (SSM) विभाग के प्रमुख की खोज को कई बार उम्मीदवारों के पीछे हटने के कारण अस्थायी रूप से रोक दिया है। पहले चयन प्रक्रिया में दो प्रमुख उम्मीदवारों ने व्यक्तिगत कारणों और पेशेवर प्रतिबद्धताओं के कारण पद से हटने का फैसला किया।

यह विकास भारतीय क्रिकेट टीम की लगातार चोट समस्याओं के बीच आया है, जहाँ कई प्रमुख खिलाड़ियों को लंबे समय तक मैदान से बाहर रहना पड़ा है। पिछले कुछ वर्षों में, VVS लक्षण जैसे पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने कोऑर्डिनेटेड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के पुनर्वास तंत्र की आलोचना की है, जिससे BCCI को अपनी चिकित्सा नीतियों की पुनर्समीक्षा करनी पड़ रही है।

इतिहास में, BCCI ने 2019 में CoE की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य खिलाड़ियों की चोटों की रोकथाम और शीघ्र पुनरुद्धार सुनिश्चित करना था। हालांकि, इस केंद्र को अक्सर "केवल पुनर्वास केंद्र नहीं, बल्कि एक संपूर्ण खेल विज्ञान संस्थान" के रूप में देखा जाता है, जिसे अभी तक पूर्ण रूप से कार्यान्वित नहीं किया गया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the delay in appointing a competent SSM head could hamper India's preparation for upcoming international tours, potentially affecting player performance and fan expectations.

"हमारी पुनर्वास प्रणाली को पुनर्संरचना की आवश्यकता है," VVS लक्षण ने कहा।
क्या आप जानते हैं?: भारत ने 2023 में विश्व स्तर पर सबसे अधिक क्रिकेट चोटों की रिपोर्ट की थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर पर असर पड़ा।

Frequently Asked Questions

  • SSM प्रमुख की नियुक्ति में अब तक कितने उम्मीदवार हटे? दो प्रमुख उम्मीदवारों ने अपनी जिम्मेदारियों को छोड़ दिया है, जबकि प्रक्रिया अभी चल रही है।
  • क्या CoE का पुनरावर्तित कार्य अभी भी जारी है? हाँ, CoE में नई चिकित्सा टीमों और तकनीकी उपकरणों को शामिल करने के लिए पुनर्संरचना कार्य जारी है।