पंजाब की उभरती हुई बैडमिंटन खिलाड़ी राधिका शर्मा अपनी छोटी बहन तन्वी शर्मा की सफलता से प्रेरित होकर अब अंतरराष्ट्रीय डबल्स रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने का लक्ष्य रख रही हैं।

मुख्य बातें

  • राधिका शर्मा वर्तमान में BWF महिला डबल्स रैंकिंग में 79वें स्थान पर हैं।
  • वह हैदराबाद में दिग्गज कोच पुल्लेला गोपीचंद के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं।
  • उनकी छोटी बहन तन्वी शर्मा ने हाल ही में ताइपे ओपन जीतकर इतिहास रचा है।
  • राधिका का अगला लक्ष्य विश्व की शीर्ष मिश्रित डबल्स जोड़ियों में शामिल होना है।

पंजाब के होशियारपुर की 20 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी राधिका शर्मा इन दिनों अपने करियर के सबसे महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही हैं। अपनी छोटी बहन, ताइपे ओपन चैंपियन तन्वी शर्मा की अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए, राधिका अब डबल्स स्पर्धा में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

वर्तमान में, राधिका अपने साथी सात्विक रेड्डी के साथ महिला डबल्स में BWF की विश्व रैंकिंग में 79वें स्थान पर हैं। फरवरी 2026 में बाकू में अज़रबैजान इंटरनेशनल टूर्नामेंट जीतकर उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शानदार शुरुआत की थी। राधिका अब हैदराबाद में पूर्व ऑल इंग्लैंड चैंपियन और मुख्य राष्ट्रीय कोच पुल्लेला गोपीचंद के सानिध्य में कड़ी मेहनत कर रही हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारतीय बैडमिंटन में अब केवल एकल (Singles) ही नहीं, बल्कि डबल्स और मिश्रित डबल्स में भी प्रतिभा का बड़ा विस्फोट हो रहा है। राधिका और तन्वी जैसी बहनें न केवल खेल के स्तर को ऊंचा उठा रही हैं, बल्कि खेल के प्रति एक नई पारिवारिक प्रतिस्पर्धात्मक भावना भी पैदा कर रही हैं जो वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत करेगी।

"तन्वी की जीत मुझे दबाव में नहीं डालती, बल्कि मुझे और अधिक प्रेरित करती है। हम एक-दूसरे से सीखते हैं और एक-दूसरे की ताकत बनते हैं।" - राधिका शर्मा

राधिका का सफर उनकी मां मीना शर्मा के मार्गदर्शन में शुरू हुआ, जो स्वयं होशियारपुर में एक बैडमिंटन कोच रही हैं। सात साल की उम्र से खेल में कदम रखने वाली राधिका ने जिला स्तर से लेकर विश्व जूनियर चैंपियनशिप तक का सफर तय किया है। उन्होंने जर्मनी में बोन इंटरनेशनल में रजत और कैमरून इंटरनेशनल में कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारतीय बैडमिंटन में पारिवारिक विरासत का इतिहास पुराना है। राधिका और तन्वी का उदाहरण दिखाता है कि कैसे जमीनी स्तर पर कोचिंग और पारिवारिक समर्थन अंतरराष्ट्रीय सफलता की नींव रखता है। राधिका का प्रशिक्षण अब NCOE गुवाहाटी से बदलकर हैदराबाद के उच्च-स्तरीय वातावरण में स्थानांतरित हो गया है, जो उनके पेशेवर दृष्टिकोण को दर्शाता है।

क्या आप जानते हैं?: राधिका शर्मा ने मात्र 8 साल की उम्र में जिला जूनियर चैंपियनशिप जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. राधिका शर्मा वर्तमान में किसके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं?
राधिका वर्तमान में हैदराबाद में पूर्व ऑल इंग्लैंड चैंपियन और मुख्य राष्ट्रीय कोच पुल्लेला गोपीचंद के तहत प्रशिक्षण ले रही हैं।

2. राधिका शर्मा की बड़ी उपलब्धि क्या है?
उन्होंने फरवरी 2026 में अज़रबैजान इंटरनेशनल टूर्नामेंट में सात्विक रेड्डी के साथ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता था।