पूर्व न्यूयॉर्क मेयर रूडी गिउलियानी के बेटे एंड्रयू गिउलियानी ने फीफा अध्यक्ष जिआनी इन्फेंटिनो का समर्थन किया है, और उनके आलोचकों को 'ईर्ष्यालु' करार दिया है।
मुख्य बातें
- एंड्रयू गिउलियानी ने इन्फेंटिनो के खिलाफ हो रहे विरोध को केवल 'राजनीति' बताया है।
- फीफा अध्यक्ष विश्व कप में निजी निवेश की योजना को लेकर विवादों में घिरे हैं।
- UEFA और AFC जैसे बड़े संगठनों ने इन्फेंटिनो के पुनर्चयन का विरोध किया है।
फीफा के वर्तमान अध्यक्ष जिआनी इन्फेंटिनो एक बड़े राजनीतिक तूफान का सामना कर रहे हैं। हाल ही में, व्हाइट हाउस टास्क फोर्स के कार्यकारी निदेशक और पूर्व न्यूयॉर्क मेयर रूडी गिउलियानी के पुत्र, एंड्रयू गिउलियानी ने इन्फेंटिनो के बचाव में उतरते हुए उनके आलोचकों को आड़े हाथों लिया है।
विवाद की जड़ विश्व कप में निजी निवेशकों को हिस्सेदारी बेचने की इन्फेंटिनो की योजना थी। हालांकि जुलाई के अंत में भारी विरोध के बाद इस योजना को रद्द कर दिया गया था, लेकिन इससे इन्फेंटिनो की छवि को गहरा धक्का लगा है और अगले साल होने वाले उनके पुनर्चयन अभियान को संकट में डाल दिया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि फुटबॉल की दुनिया में व्यावसायिकता और पारंपरिक शासन के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। इन्फेंटिनो की योजना ने खेल के शुद्ध स्वरूप और उसके अत्यधिक व्यावसायीकरण के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।
गिउलियानी के अनुसार, यह विरोध केवल राजनीति और ईर्ष्या का परिणाम है क्योंकि इन्फेंटिनो ने फीफा को एक नए स्तर पर पहुँचाया है।
इन्फेंटिनो की प्रस्तावित इकाई, FIFA Forward Enterprise (FFE), का उद्देश्य विश्व कप के वाणिज्यिक पहलुओं को संभालना था। इसमें जोशुआ कुशनर जैसे बड़े निवेशकों के शामिल होने की संभावना थी, जिसने विवाद को और अधिक राजनीतिक बना दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
फीफा का इतिहास लंबे समय से भ्रष्टाचार और सत्ता संघर्षों से भरा रहा है। इन्फेंटिनो का कार्यकाल इन चुनौतियों के बीच आया है, जहाँ उन्हें खेल के वैश्विक विस्तार और वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. इन्फेंटिनो के खिलाफ विरोध क्यों हो रहा है?
मुख्य कारण विश्व कप में निजी निवेशकों को हिस्सेदारी बेचने की उनकी योजना थी।
2. किन संगठनों ने इन्फेंटिनो का विरोध किया है?
UEFA, CONCACAF, AFC और इंग्लैंड व न्यूजीलैंड जैसे फुटबॉल संघों ने अपना विरोध जताया है।