आंध्र प्रदेश सरकार ने नागरिक सेवाओं को तेज़ और सुरक्षित बनाने के लिए नगर निकायों (ULBs) के माध्यम से स्वैच्छिक आधार प्रमाणीकरण की सुविधा शुरू की है।

मुख्य बातें

  • नागरिक सेवाओं के लिए आधार प्रमाणीकरण अब स्वैच्छिक है।
  • इसका उद्देश्य सेवाओं को तेज़, सरल और अधिक सुरक्षित बनाना है।
  • आधार न होने पर भी अन्य पहचान पत्रों के माध्यम से सेवाएं जारी रहेंगी।

आंध्र प्रदेश सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से नागरिक सेवाओं तक पहुंच प्राप्त करने के लिए स्वैच्छिक आधार-आधारित प्रमाणीकरण को सक्षम कर दिया है। इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य नागरिक सेवा वितरण को अधिक तेज़, सरल और सुरक्षित बनाना है।

नगर प्रशासन और शहरी विकास (MA&UD) के प्रधान सचिव, एस. सुरेश कुमार ने शुक्रवार को जी.ओ. संख्या 179 जारी किया। इस आदेश के तहत, नागरिकों की पहचान स्थापित करने और सत्यापित करने के लिए 'हाँ/नहीं' विकल्प और ई-केवाईसी (e-KYC) सुविधाओं के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण की अनुमति दी गई है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। सरकार का कहना है कि इस कदम से दस्तावेजों के बार-बार जमा करने की आवश्यकता कम होगी, नगर पालिकाओं के डेटाबेस की सटीकता में सुधार होगा और धोखाधड़ी, डुप्लीकेशन और फर्जी लेनदेन को रोकने में मदद मिलेगी।

तकनीक का उद्देश्य नागरिकों पर बोझ कम करना होना चाहिए, न कि उन्हें और अधिक जटिल बनाना।

यह पहल 'आधार प्रमाणीकरण सुशासन नियम, 2020' और आधार अधिनियम, 2016 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत ली गई है। इसे UIDAI के साथ परामर्श के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की मंजूरी के बाद लागू किया गया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में डिजिटल इंडिया अभियान के तहत, आधार को धीरे-धीरे सरकारी सेवाओं से जोड़ा गया है ताकि 'लीकेज' को रोका जा सके और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) को सुव्यवस्थित किया जा सके। आंध्र प्रदेश का यह कदम इसी व्यापक डिजिटल ढांचे का हिस्सा है।

क्या आप जानते हैं?: आधार प्रमाणीकरण पूरी तरह से स्वैच्छिक है; यदि आप आधार का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, तो सरकार आपको अन्य विकल्प देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या आधार प्रमाणीकरण के बिना मुझे सेवाएं नहीं मिलेंगी?
नहीं, यह पूरी तरह स्वैच्छिक है। आधार न होने पर भी आपको सेवाएं दी जाएंगी।

2. आधार के विकल्प के रूप में कौन से दस्तावेज मान्य हैं?
पासपोर्ट, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे अन्य पहचान पत्रों का उपयोग किया जा सकता है।