TestingXperts ने हैदराबाद में 300‑सीटर डिलीवरी सेंटर का उद्घाटन किया और पहले ही 200 इंजीनियर्स को नियुक्त किया। कंपनी एक साल के भीतर इस संख्या को 500 तक बढ़ाने और अंततः 2,500‑सीटर कैंपस बनाने की योजना बना रही है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • TestingXperts ने हैदराबाद में 300‑सीटर केंद्र खोला
  • पहले ही 200 इंजीनियर शामिल, एक साल में 500 तक पहुंचने का लक्ष्य
  • भविष्य में 2,500‑सीटर कैंपस की दीर्घकालिक योजना

हैदराबाद, भारत – सॉफ्टवेयर परीक्षण और क्वालिटी इंजीनियरिंग फर्म TestingXperts ने इस सोमवार को 300‑सीटर डिलीवरी सेंटर का उद्घाटन किया। यह कदम कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य शहर में 2,500‑सीटर टेक कैंपस स्थापित करना है।

पहला चरण: 300‑सीटर केंद्र

उद्घाटन समारोह में संस्थापक‑सीईओ Manish Gupta और मुख्य कार्यकारी अधिकारी Adeesh Jain ने बताया कि अब तक लगभग 200 इंजीनियर इस सुविधा में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “हम अगले 12 महीनों में इस संख्या को 500 तक बढ़ाने का लक्ष्य रख रहे हैं, और अतिरिक्त ऑफिस स्पेस पहले ही पहचाना गया है।”

हैदराबाद का टेक इकोसिस्टम

हैदराबाद को भारत की सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई तकनीकी हब माना जाता है, जहाँ आईटी, एआई और डिजिटल इंजीनियरिंग के लिए बड़ी प्रतिभा उपलब्ध है। इस शहर में स्थापित कई मल्टीनेशनल कंपनियों ने अपने ग्लोबल कॉर्पोरेट सेंटर (GCC) को यहाँ स्थित किया है, जिससे TestingXperts को स्थानीय प्रतिभा और विश्व‑स्तरीय ग्राहक आधार दोनों का लाभ मिलेगा।

AI‑संचालित क्वालिटी इंजीनियरिंग का भविष्य

नए केन्द्र को कंपनी के ग्लोबल हब के रूप में डिजाइन किया गया है, जहाँ AI‑led Quality Engineering, AI Assurance, Digital Engineering और Enterprise Technology Services प्रदान किए जाएंगे। यह सेवा नॉर्थ अमेरिका, EMEA और APAC के ग्राहकों को सपोर्ट करेगी, जिससे भारत में तकनीकी निर्यात की नई लहर शुरू होगी।

भविष्य की राह: 2,500‑सीटर कैंपस

TestingXperts ने बताया कि 2026‑2029 के बीच 2,500‑सीटर कैंपस का निर्माण एक रणनीतिक निवेश है, जो न सिर्फ कंपनी की स्केलेबिलिटी को बढ़ाएगा, बल्कि हैदराबाद को एआई‑ड्रिवन क्वालिटी इंजीनियरिंग का प्रमुख केंद्र बना देगा। कंपनी का भारत में कुल 1,300‑से अधिक कर्मचारियों का आधार है, और मोहाली में 3,000‑सेटर्स के लिए एक नई सुविधा पर काम चल रहा है।

इस पहल से न केवल स्थानीय रोजगार सृजन होगा, बल्कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षण बढ़ेगा।