एक नई रिपोर्ट ने दिखाया कि यूट्यूब और X जैसे मुख्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म नुडीफाई ऐप्स की ओर बड़ी संख्या में ट्रैफ़िक भेज रहे हैं। इन ऐप्स के ज़रिए गैर‑सहमति वाले यौन‑स्पष्ट डीपफ़ेक बनाना केवल $1 प्रति छवि में संभव है, जिससे व्यक्तिगत गोपनीयता को गंभीर खतरा है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- यूट्यूब ने 1.82 मिलियन रेफ़रल ट्रैफ़िक के साथ सबसे बड़ा स्रोत बना
- X ने 1.3 मिलियन से अधिक विज़िट्स को नुडीफाई साइट्स की ओर निर्देशित किया
- नुडीफाई ऐप्स $1 प्रति छवि की कीमत पर काम करते हैं और संभावित रूप से $36 मिलियन वार्षिक राजस्व उत्पन्न करते हैं
इंस्टिट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक डायलॉग (ISD) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट ने दिखाया कि मुख्यधारा के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म नुडीफाई एप्लिकेशन और वेबसाइटों की ओर उपयोगकर्ता ट्रैफ़िक को सक्रिय रूप से निर्देशित कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल प्लेटफ़ॉर्म की मौजूदा सामग्री नीतियों के साथ टकराव में है, बल्कि गैर‑सहमति वाले यौन‑स्पष्ट डीपफ़ेक के प्रसार को आसान बना रही है।
पृष्ठभूमि और अध्ययन का दायरा
रिपोर्ट ने दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच 5.7 मिलियन विज़िट्स को ट्रैक किया, जिसमें सबसे अधिक रेफ़रल यूट्यूब (1.82 मिलियन) और X (1.3 मिलियन) से आया। उपयोगकर्ता मुख्यतः “undress app” या “nudify app” जैसे कीवर्ड खोजते हैं, जिसके बाद उन्हें प्रमो कोड या मुफ्त क्रेडिट प्रदान करने वाले लिंक मिलते हैं।
नीति‑विरोधी व्यवहार की विस्तृत जाँच
यूट्यूब की नीतियाँ स्पष्ट रूप से यौन‑स्पष्ट सामग्री और ऐसे लिंक को प्रतिबंधित करती हैं, फिर भी रिपोर्ट ने पाया कि ये सामग्री प्लेटफ़ॉर्म पर आसानी से पहुँचा जा सकता है। ISD की वरिष्ठ निदेशिका मेलानी स्मिथ के अनुसार, “यह केवल एक पैसिव रेफ़रल नहीं है; कई मामलों में प्लेटफ़ॉर्म इन टूल्स के उपयोग को भी सुविधाजनक बनाता है।” यह संकेत देता है कि नीतियों का कार्यान्वयन कमजोर है और नियंत्रण तंत्र में बड़ी खामियां हैं।
आर्थिक आकर्षण और सामाजिक प्रभाव
नुडीफाई ऐप्स की कीमत अत्यंत कम है—कभी‑कभी $1 प्रति छवि—जिससे इन्हें व्यापक दर्शकों के लिए सुलभ बनाया गया है। WIRED की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, इन सेवाओं से वार्षिक अनुमानित राजस्व $36 मिलियन तक पहुँच सकता है। लक्ष्य समूह में न केवल वर्तमान या पूर्व प्रेमी शामिल हैं, बल्कि रिश्तेदार भी हैं, जिससे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन पर गंभीर नुकसान पहुँच सकता है। कई मामलों में उपयोगकर्ता का उद्देश्य शत्रुता या बदला लेना है, न कि केवल यौनिक आकर्षण।
भविष्य की दिशा और नियामक चुनौतियाँ
संयुक्त राज्य में गैर‑सहमति वाली छवियों को हटाने के लिए “Take It Down Act” लागू है, और कई राज्यों ने डीपफ़ेक के खिलाफ कानून बनाए हैं। फिर भी, मिनेसोटा ने 2026 में विशेष रूप से नुडीफाई ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया, लेकिन यह प्रतिबंध सीमित प्रभाव दिखा रहा है। ISD ने व्यापक, प्रणालीगत प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया है—ऑनलाइन, ऑफ़लाइन, हाइब्रिड और नीति‑स्तर पर समन्वित उपायों के साथ।
जैसे-जैसे AI‑जनित छवियों की तकनीक तेज़ी से विकसित हो रही है, स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना और प्लेटफ़ॉर्म की निगरानी को सुदृढ़ करना आवश्यक है, नहीं तो नुडीफाई ऐप्स का प्रसार धीरे‑धीरे बढ़ता रहेगा।