श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक सीईओ के पद के लिए 18 उम्मीदवारों का साक्षात्कार संपन्न हुआ। 5,200 से अधिक आवेदकों में से छंटनी के बाद प्रशासनिक अनुभव और प्रबंधन कौशल पर विशेष ध्यान दिया गया।

मुख्य बातें

  • सीईओ पद के लिए 5,200 से अधिक आवेदनों में से केवल 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया।
  • साक्षात्कार का मुख्य केंद्र प्रशासनिक अनुभव, भीड़ प्रबंधन और मंदिर प्रबंधन रहा।
  • चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता दी जा रही है।

अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। हाल ही में संपन्न हुए साक्षात्कार सत्रों में, 18 शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से उनके बायोडाटा (CV) और पिछले प्रशासनिक अनुभवों पर केंद्रित थी।

साक्षात्कार प्रक्रिया दो दिनों (11 और 12 अगस्त, 2026) तक चली। उम्मीदवारों ने बताया कि प्रश्न मुख्य रूप से उनके द्वारा पहले किए गए कार्यों, जैसे कि बड़े त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ का प्रबंधन, नई तकनीक का उपयोग और संकट के समय लिए गए निर्णय, पर आधारित थे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राम मंदिर का प्रबंधन अब एक बड़े संगठनात्मक ढांचे की ओर बढ़ रहा है। दान चोरी के आरोपों के बीच, ट्रस्ट एक ऐसे पेशेवर नेतृत्व की तलाश में है जो न केवल धार्मिक परंपराओं का पालन करे, बल्कि आधुनिक प्रबंधन और पारदर्शिता के उच्चतम मानकों को भी बनाए रखे।

चयन प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा प्रशासक चुनना है जो भक्ति और आधुनिक प्रबंधन के बीच संतुलन बना सके।

एक उम्मीदवार, जो सरकारी सेवा में उच्च पद पर रह चुके हैं, ने बताया कि उनसे उनके पिछले प्रशासनिक अनुभवों और संकट प्रबंधन (Crisis Management) से संबंधित गहन प्रश्न पूछे गए। ट्रस्ट की अधिसूचना के अनुसार, सीईओ का प्राथमिक उत्तरदायित्व मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन की देखरेख करना होगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन की देखरेख के लिए किया गया है। जैसे-जैसे मंदिर का महत्व और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, एक समर्पित और पूर्णकालिक प्रशासनिक टीम की आवश्यकता अनिवार्य हो गई है।

क्या आप जानते हैं?: राम मंदिर के प्रबंधन के लिए सीईओ को एक 'अभ्यासी हिंदू' होना अनिवार्य है और उन्हें हिंदू परंपराओं का सख्ती से पालन करना होगा।

Frequently Asked Questions

1. सीईओ पद के लिए कितने आवेदन प्राप्त हुए थे?
कुल 5,200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 18 को साक्षात्कार के लिए चुना गया।

2. सीईओ की मुख्य जिम्मेदारी क्या होगी?
सीईओ की मुख्य जिम्मेदारी राम मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन की देखरेख करना होगी।