कैलिफोर्निया के सीनेटर एलेक्स पाडिया ने एक नया विधेयक पेश किया है जो लंबे समय से अमेरिका में रह रहे H-1B पेशेवरों और अन्य निवासियों को ग्रीन कार्ड प्राप्त करने का रास्ता दे सकता है। यह बिल सात साल से अधिक समय से अमेरिका में रह रहे लोगों के लिए स्थायी निवास की राह आसान बनाएगा।

मुख्य बातें

  • सीनेटर एलेक्स पाडिया ने 'इमिग्रेशन एक्ट ऑफ 1929' के प्रावधानों को नवीनीकृत करने वाला बिल फिर से पेश किया।
  • 7 साल से लगातार अमेरिका में रहने वाले लोग ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे।
  • भारतीय H-1B पेशेवरों को इससे बड़ी राहत मिल सकती है जो वर्षों से प्रतीक्षा सूची में हैं।
  • यह बिल 8 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित कर सकता है, जिसमें ड्रीमर्स और आवश्यक कार्यकर्ता शामिल हैं।

अमेरिकी सीनेटर एलेक्स पाडिया ने एक महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाते हुए उस बिल को फिर से जीवित कर दिया है जो अमेरिका में लंबे समय से रह रहे निवासियों के लिए कानूनी स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह प्रस्ताव विशेष रूप से उन H-1B वीजा धारकों के लिए आशा की किरण है जो दशकों से ग्रीन कार्ड के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं।

पाडिया का यह बिल 'इमिग्रेशन एक्ट ऑफ 1929' के प्रावधानों को आधुनिक बनाने का प्रयास करता है। यदि यह कानून पारित हो जाता है, तो कोई भी व्यक्ति जो कम से कम सात वर्षों तक अमेरिका में लगातार रहा है, वह स्थायी निवास के लिए आवेदन करने का पात्र होगा। पाडिया ने इसे एक "सामान्य ज्ञान" समाधान बताया है जो वर्तमान में आउटडेटेड हो चुके अप्रवासन तंत्र को ठीक करेगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वर्तमान अमेरिकी अप्रवासन प्रणाली, विशेष रूप से रोजगार-आधारित श्रेणियों में, अत्यधिक बोझिल है। भारतीय पेशेवरों के लिए स्थिति और भी गंभीर है क्योंकि प्रति-देश कोटा सीमाओं के कारण प्रतीक्षा अवधि कई दशकों तक जा सकती है। पाडिया का बिल इस 'सिस्टमैटिक अटैक' और अनिश्चितता को समाप्त करने का लक्ष्य रखता है जो परिवारों के जीवन को प्रभावित करती है।

"कांग्रेस उन लाखों लंबे समय तक रहने वाले निवासियों की अनदेखी नहीं कर सकती जो हर दिन हमारी अर्थव्यवस्था और समुदायों में योगदान देते हैं।" - सीनेटर एलेक्स पाडिया

वर्तमान में, 'रजिस्ट्री प्रावधान' (Section 249) के तहत पात्रता की कट-ऑफ तिथि 1 जनवरी, 1972 है, जो इसे लगभग अप्रभावी बनाती है। पाडिया का प्रस्ताव इस तिथि को एक 'रोलिंग एलिजिबिलिटी डेट' में बदलने का सुझाव देता है, जिससे प्रक्रिया अधिक लचीली और प्रासंगिक बन जाएगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इमिग्रेशन और नेशनलिटा एक्ट की धारा 249 को पहली बार 1929 में संहिताबद्ध किया गया था और इसे अंतिम बार 1986 में रीगन प्रशासन के दौरान अपडेट किया गया था। पिछले कुछ वर्षों में, इस प्रावधान के तहत बहुत कम लोगों ने अपना दर्जा बदला है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुराने कानून अब आधुनिक अमेरिका की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं।

क्या आप जानते हैं?: वर्तमान में लंबित रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड बैकलॉग में लगभग 80% हिस्सा भारतीयों का है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पाडिया बिल किन लोगों की मदद करेगा?
यह बिल H-1B धारकों, ड्रीमर्स, आवश्यक श्रमिकों और उन लोगों की मदद करेगा जो कम से कम 7 वर्षों से अमेरिका में रह रहे हैं।

2. भारतीय पेशेवरों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
चूंकि भारतीयों का ग्रीन कार्ड बैकलॉग सबसे बड़ा है, यह बिल उनके लिए स्थायी निवास प्राप्त करने की प्रक्रिया को तेज और आसान बना सकता है।