रूस की सुप्रीम कोर्ट ने एक विवादास्पद फैसले में एकमात्र पंजीकृत युद्ध-विरोधी पार्टी 'यब्लुको' को आगामी संसदीय चुनावों के मतपत्र से हटा दिया है। यह कदम क्रेमलिन द्वारा असहमति को कुचलने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट ने यब्लुको (Yabloko) पार्टी का पंजीकरण रद्द कर उसे चुनाव लड़ने से रोका।
  • पार्टी यूक्रेन युद्ध के खिलाफ और शांति समझौते के पक्ष में अभियान चला रही थी।
  • क्रेमलिन समर्थित 'मदरलैंड पार्टी' की अपील के बाद यह फैसला लिया गया।
  • युलिया नवलना सहित कई अंतरराष्ट्रीय विपक्षी नेताओं ने पार्टी का समर्थन किया था।

रूस की सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए यब्लुको (Yabloko) पार्टी को अगले महीने होने वाले संसदीय चुनावों के मतपत्र से हटाने का आदेश दिया। गौरतलब है कि यब्लुको रूस की एकमात्र ऐसी पंजीकृत पार्टी थी जिसने यूक्रेन में क्रेमलिन की सैन्य कार्रवाई का खुलकर विरोध किया था। हालांकि केंद्रीय चुनाव आयोग ने पहले इस पार्टी को चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी थी, लेकिन क्रेमलिन के करीब रहने वाली 'मदरलैंड पार्टी' की अपील के बाद कोर्ट ने इस पंजीकरण को रद्द कर दिया।

यब्लुको पार्टी लंबे समय से रूसी राजनीति में एक उदारवादी आवाज रही है। हाल के वर्षों में, यह पार्टी "युद्धविराम, कूटनीति और शांति" के नारों के साथ अभियान चला रही थी। पार्टी का मुख्य उद्देश्य परमाणु युद्ध को रोकना और रूस को राजनीतिक दमन से मुक्त करना था। पार्टी के सह-संस्थापक ग्रिगोरी यावलिंस्की ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह उन लोगों के साथ संवाद करने से इनकार है जो सत्ता से असहज सवाल पूछते हैं।

यह क्यों मायने रखता है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यब्लुको को हटाना केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि क्रेमलिन अब मामूली स्तर के विरोध को भी सहन करने के मूड में नहीं है। जब युवाओं ने सोशल मीडिया पर बिना किसी नारे के केवल 'सेब' (यब्लुको का प्रतीक) दिखाकर अपना समर्थन व्यक्त करना शुरू किया, तो शासन के भीतर घबराहट बढ़ गई। यह दर्शाता है कि शांति की मांग रूस के भीतर उम्मीद से अधिक गहरी है।

"यब्लुको को चुनाव से बाहर करना यह साबित करता है कि सत्ता अब उन विचारों से डरती है जो शांति और स्वतंत्रता की बात करते हैं।"

पार्टी के अध्यक्ष निकोलाई रिबकोव ने अदालत में यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि पार्टी का विदेशी समर्थकों या नवलना जैसे आंकड़ों से कोई सीधा संबंध नहीं है। हालांकि, 'जस्ट रशिया' और कम्युनिस्ट पार्टी जैसे अन्य क्रेमलिन-समर्थक समूहों ने यब्लुको पर 'विदेशी एजेंटों' का समर्थन करने और रूस की क्षेत्रीय अखंडता को खतरे में डालने का आरोप लगाया था।

क्या आप जानते हैं?: 'यब्लुको' (Yabloko) शब्द का रूसी भाषा में अर्थ 'सेब' होता है, जो पार्टी के लोगो और प्रतीकों में प्रमुखता से दिखाई देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. यब्लुको पार्टी को चुनाव से क्यों हटाया गया?
कोर्ट ने मदरलैंड पार्टी की अपील को स्वीकार किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पार्टी का युद्ध-विरोधी रुख अवैध है और यह कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन कर रही है।

2. इस फैसले का रूसी लोकतंत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रूस में राजनीतिक बहुलवाद और समाप्त हो जाएगा और केवल सरकारी समर्थित पार्टियां ही चुनाव लड़ पाएंगी।