तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने वैश्विक निवेशकों और प्रवासी भारतीयों को राज्य के महत्वाकांक्षी आर्थिक रोडमैप का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है। राज्य का लक्ष्य 2047 तक $3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनना है।

मुख्य बातें

  • तेलंगाना का लक्ष्य 2047 तक $3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है।
  • 'तेलंगाना राइजिंग 2047' विजन के तहत अगले 5 वर्षों में $1 ट्रिलियन का लक्ष्य।
  • मुचेरला में 'भारत फ्यूचर सिटी' का निर्माण किया जाएगा।
  • CURE, PURE और RARE मॉडल के जरिए संतुलित विकास पर जोर।

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने वाशिंगटन में भारतीय ओवरसीज कांग्रेस (IOC) की बैठक को संबोधित करते हुए वैश्विक निवेशकों और तेलुगु प्रवासियों से राज्य के विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेलंगाना एक अत्यंत महत्वाकांक्षी आर्थिक रोडमैप पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक राज्य को $3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था में बदलना है।

विक्रमार्क ने 'तेलंगाना राइजिंग 2047' विजन का विवरण देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों के भीतर राज्य की अर्थव्यवस्था को $1 ट्रिलियन तक ले जाना है। इस विकास यात्रा के केंद्र में मुचेरला में विकसित होने वाली 'भारत फ्यूचर सिटी' है, जिसे हैदराबाद, सिकंदराबाद और साइबरबाद के पूरक के रूप में एक नेट-जीरो और प्रदूषण मुक्त शहरी केंद्र के रूप में डिजाइन किया जा रहा है।

विकास का त्रि-स्तरीय ढांचा

राज्य में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक अनूठा तीन-स्तरीय ढांचा पेश किया है: CURE (कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी), PURE (पेरी-अर्बन रीजन इकोनॉमी), और RARE (रूरल एग्रीकल्चर रीजन इकोनॉमी)। यह मॉडल शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आर्थिक खाई को पाटने का काम करेगा।

तेलंगाना का नया आर्थिक मॉडल शहरीकरण और ग्रामीण कृषि को एक साथ जोड़कर समावेशी विकास का एक नया वैश्विक मानक स्थापित कर सकता है।

शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर जोर देते हुए, उपमुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को उद्योग के अनुकूल कौशल प्रदान करने के लिए 'यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी' की स्थापना की गई है। इसके अलावा, मुसी नदी के कायाकल्प के लिए 'मुसी रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट' पर काम चल रहा है, जिसका लक्ष्य लंदन के टेम्स रिवरफ्रंट की तर्ज पर इसे एक प्रमुख पर्यटन और वाणिज्यिक केंद्र बनाना है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तेलंगाना का यह रणनीतिक दृष्टिकोण न केवल बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित है, बल्कि यह वैश्विक पूंजी को आकर्षित करने के लिए एक व्यवस्थित पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) बनाने की कोशिश कर रहा है। यदि ये योजनाएं सफल होती हैं, तो तेलंगाना भारत के आर्थिक इंजन के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।

क्या आप जानते हैं?: तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹4.18 लाख हो गई है, जो राज्य की तीव्र आर्थिक प्रगति का प्रमाण है।

Frequently Asked Questions

1. तेलंगाना का आर्थिक लक्ष्य क्या है?
तेलंगाना का लक्ष्य 2047 तक $3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनना और अगले 5 वर्षों में $1 ट्रिलियन तक पहुंचना है।

2. 'भारत फ्यूचर सिटी' कहाँ स्थित होगी?
भारत फ्यूचर सिटी मुचेरला में विकसित की जा रही है, जिसे एक प्रदूषण मुक्त स्मार्ट सिटी के रूप में बनाया जाएगा।