तेलंगाना सरकार ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने से पहले एक अनिवार्य ऑनलाइन सुरक्षा कोर्स शुरू किया है। यह कोर्स एयरबैग सुरक्षा और सुरक्षित ड्राइविंग तकनीकों पर केंद्रित है।

मुख्य बातें

  • लर्निंग लाइसेंस के लिए अब ऑनलाइन सुरक्षा कोर्स पूरा करना अनिवार्य होगा।
  • कोर्स में एयरबैग सुरक्षा और स्टीयरिंग व्हील पकड़ने के सही तरीकों पर जोर दिया गया है।
  • कोर्स की अवधि लगभग ढाई घंटे है और यह पूरी तरह से मुफ्त है।
  • चेहरा पहचानने वाली (Facial Recognition) तकनीक का उपयोग उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।

तेलंगाना में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव आया है। अब नए ड्राइवरों को लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने से पहले एक अनिवार्य ऑनलाइन सुरक्षा कोर्स पूरा करना होगा। परिवहन आयुक्त के. इलम्बर्थी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और ड्राइवरों के बीच सुरक्षा जागरूकता बढ़ाना है।

कोर्स की मुख्य विशेषताएं

यह कोर्स वर्तमान में कुकटपल्ली आरटीओ (RTO) में पायलट आधार पर चलाया जा रहा है। कोर्स को छह मॉड्यूल में विभाजित किया गया है, जिसमें ड्राइविंग थ्योरी, वाहन नियंत्रण और यातायात नियमों का ज्ञान शामिल है। विशेष रूप से, इसमें बताया गया है कि एयरबैग वाली कारों में स्टीयरिंग व्हील को '10-2' के बजाय '9-3' या '8-4' की स्थिति में पकड़ना क्यों सुरक्षित है, ताकि दुर्घटना के समय हाथ टूटने का जोखिम कम हो सके।

तकनीक का उपयोग और निगरानी

कोर्स की अखंडता बनाए रखने के लिए, इसमें उन्नत Facial Recognition तकनीक का उपयोग किया गया है। आवेदक को कोर्स के दौरान अपना कैमरा चालू रखना होगा। यदि कैमरा चेहरे का पता नहीं लगा पाता है, तो मॉड्यूल अपने आप रुक जाएगा। यह सुनिश्चित करता है कि आवेदक वास्तव में वीडियो देख रहा है और प्रक्रिया के दौरान उपस्थित है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तेलंगाना की यह पहल अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकती है। पारंपरिक प्रशिक्षण के बजाय डिजिटल शिक्षा को जोड़कर, सरकार न केवल लागत कम कर रही है, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रही है कि ड्राइविंग के बुनियादी सिद्धांत हर नागरिक तक आधुनिक तरीके से पहुँचें।

सुरक्षित ड्राइविंग केवल कौशल नहीं, बल्कि सही जानकारी और जागरूकता का परिणाम है।
क्या आप जानते हैं?: तेलंगाना का यह ऑनलाइन कोर्स यूनिसेफ (UNICEF) के सहयोग से विकसित किया गया है, जिसका लगभग 60% खर्च उन्होंने वहन किया है।

Frequently Asked Questions

1. क्या इस कोर्स के लिए कोई शुल्क देना होगा?
नहीं, यह कोर्स आवेदकों के लिए पूरी तरह से मुफ्त है।

2. यह कोर्स किन भाषाओं में उपलब्ध होगा?
यह कोर्स तेलुगु, अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू भाषाओं में उपलब्ध होगा।