दक्षिणी रेलवे का पलक्कड़ डिवीजन मंगलुरु के बंदर में पुराने गुड्स शेड को बैलास्ट यार्ड में बदलने की तैयारी कर रहा है। इस फैसले से स्थानीय निवासियों में ट्रैफिक और लेवल क्रॉसिंग गेटों के बंद होने को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मुख्य बातें

  • बंदर का पुराना गुड्स शेड अब रेलवे बैलास्ट यार्ड में परिवर्तित होगा।
  • लगभग 8 एकड़ भूमि का उपयोग पटरियों के लिए बैलास्ट स्टोर करने हेतु किया जाएगा।
  • स्थानीय निवासियों को पंडेश्वर और होइगे बाजार लेवल क्रॉसिंग के बंद होने का डर है।
  • रेलवे पुराने गोदामों को ढहाकर जमीन को समतल कर रहा है।

मंगलुरु के बंदर (नीरेश्वरल्या) क्षेत्र में स्थित पुराने गुड्स शेड को अब रेलवे बैलास्ट यार्ड में बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दक्षिणी रेलवे के पलक्कड़ डिवीजन द्वारा लिए गए इस निर्णय के तहत, लगभग 8 एकड़ रेलवे भूमि का उपयोग पटरियों के रखरखाव के लिए आवश्यक बैलास्ट (गिट्टी) के भंडारण के लिए किया जाएगा।

रेलवे प्रशासन वर्तमान में पुराने गोदामों को ढहाने और भूमि को समतल करने का कार्य कर रहा है। गौरतलब है कि नवंबर 2023 में भारी यातायात और ट्रकों की आवाजाही के कारण गुड्स शेड को उल्लाल रेलवे स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद, इस खाली स्थान का उपयोग यात्री ट्रेनों को खड़ा करने के लिए किया जा रहा था, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही थी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह विकास कार्य रेलवे के बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यह शहरी नियोजन की एक बड़ी चुनौती भी पेश करता है। यदि इस यार्ड में ट्रेनों की आवाजाही बढ़ती है, तो इससे शहर के व्यस्ततम रास्तों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है।

रेलवे को बुनियादी ढांचे के विकास और नागरिक सुविधाओं के बीच एक सूक्ष्म संतुलन बनाना होगा ताकि स्थानीय जीवन बाधित न हो।

स्थानीय नागरिक संगठनों और निर्वाचित प्रतिनिधियों ने पहले भी इस बात पर आपत्ति जताई है कि ट्रेनों के आवागमन के कारण पंडेश्वर और होइगे बाजार लेवल क्रॉसिंग (LC) गेटों के बार-बार बंद होने से आम जनता को भारी असुविधा होती है। अंब माहेश्वरी सेवा ट्रस्ट के सचिव उमानथ कोटेकर ने मांग की है कि प्रशासन को एक व्यापक योजना बनानी चाहिए ताकि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।

क्या आप जानते हैं?

क्या आप जानते हैं?: बैलास्ट वह पत्थर है जिसे रेलवे ट्रैक के नीचे बिछाया जाता है ताकि पटरियों को स्थिरता मिल सके और ड्रेनेज बना रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बंदर गुड्स शेड को बैलास्ट यार्ड में क्यों बदला जा रहा है?

पटरियों के रखरखाव के लिए आवश्यक बैलास्ट के भंडारण के लिए स्थान की आवश्यकता के कारण इसे बदला जा रहा है।

2. स्थानीय लोगों को इससे क्या समस्या हो सकती है?

बढ़ती ट्रेन आवाजाही के कारण पंडेश्वर और होइगे बाजार लेवल क्रॉसिंग गेटों के बार-बार बंद होने की आशंका है।