आंध्र प्रदेश के जल संसाधन मंत्री निम्मला रमनाइडु ने घोषणा की है कि सरकार सिंचाई परियोजनाओं को गति देने और रुकी हुई लिफ्ट सिंचाई योजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए एक स्पष्ट योजना के साथ आगे बढ़ रही है। पोलावरम परियोजना का 90% काम पूरा हो चुका है।

मुख्य बातें

  • पोलावरम सिंचाई परियोजना मार्च 2027 तक पूरी होने का लक्ष्य है।
  • वेलिगोंडा परियोजना के विस्थापित परिवारों के लिए ₹600 करोड़ जारी किए जाएंगे।
  • 1,040 सिंचाई विकास निगम (IDC) लिफ्ट योजनाओं के लिए 10 साल का रखरखाव प्लान तैयार किया जा रहा है।
  • पोलावरम प्रोजेक्ट को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा।

आंध्र प्रदेश के जल संसाधन मंत्री निम्मला रमनाइडु ने शुक्रवार को विजयवाड़ा में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और रुकी हुई लिफ्ट सिंचाई (LI) योजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास एक स्पष्ट और सुव्यवस्थित कार्ययोजना है।

पोलावरम परियोजना की प्रगति

मंत्री ने बताया कि पोलावरम सिंचाई परियोजना का 90% सिविल कार्य पूरा हो चुका है और वर्तमान में परियोजना की समग्र प्रगति 77% है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देशों के बाद, परियोजना को दिसंबर 2027 के बजाय मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में गोदावरी में आई बाढ़ के दौरान भी काम नहीं रुका, जब नदी का प्रवाह 14 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था।

वेलिगोंडा और लिफ्ट सिंचाई योजनाएं

वेलिगोंडा परियोजना के संबंध में, रमनाइडु ने कहा कि विस्थापित परिवारों के पुनर्वास (R&R) के लिए ₹600 करोड़ की राशि 17 से 24 अगस्त के बीच जारी की जाएगी। इसके अलावा, राज्य में 1,040 सिंचाई विकास निगम (IDC) लिफ्ट योजनाएं हैं, जिनमें से केवल 150 पूरी तरह चालू हैं। सरकार इन योजनाओं को फिर से जीवित करने के लिए 10 साल का मरम्मत और संचालन एवं रखरखाव (O&M) प्लान बना रही है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इन परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता न केवल कृषि उत्पादकता को बढ़ाएगी, बल्कि राज्य की जल सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेगी। सिंचाई परियोजनाओं का सुचारू संचालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

सिंचाई परियोजनाओं का समय पर पूरा होना राज्य की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।
क्या आप जानते हैं?: पोलावरम परियोजना को केवल सिंचाई के लिए ही नहीं, बल्कि एक संभावित पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है, जिसमें नदी-आधारित पर्यटन शामिल है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पोलावरम परियोजना कब तक पूरी होगी?
सरकार का लक्ष्य इसे मार्च 2027 तक पूरा करना है।

2. वेलिगोंडा परियोजना के लिए कितनी राशि आवंटित की गई है?
विस्थापित परिवारों के लिए ₹600 करोड़ की राशि जल्द ही जारी की जाएगी।