न्यूयॉर्क शहर के नए कानून के लागू होने के बाद, डिलीवरी वर्कर्स को अब तक 104 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त टिप्स मिले हैं। यह कानून ऐप-आधारित कंपनियों द्वारा की जाने वाली हेरफेर को रोकने के लिए लाया गया था।
मुख्य बातें
- नए कानून के बाद डिलीवरी वर्कर्स को 104 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त टिप्स मिले हैं।
- कानून का उद्देश्य ऐप कंपनियों द्वारा टिपिंग प्रक्रिया को जटिल बनाने की प्रथा को रोकना है।
- प्रत्येक वर्कर को सालाना लगभग $2,287 अधिक मिलने की उम्मीद है।
- डिलीवरी की मांग में कोई कमी नहीं आई है, बल्कि इसमें वृद्धि हुई है।
न्यूयॉर्क शहर के डिलीवरी वर्कर्स के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मेयर जोहरान ममदानी और उपभोक्ता एवं श्रमिक संरक्षण विभाग (DCWP) के आयुक्त सैमुअल लेविन द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, शहर के लगभग 70,000 डिलीवरी वर्कर्स ने अब तक सामूहिक रूप से 104 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त टिप्स कमाए हैं।
यह वित्तीय लाभ जनवरी में लागू हुए नए शहर के कानूनों (Local Laws 107 और 108) का परिणाम है। इन कानूनों का उद्देश्य ऐप-आधारित डिलीवरी कंपनियों द्वारा ग्राहकों के लिए टिप देने की प्रक्रिया को जानबूझकर कठिन बनाने की भ्रामक प्रथाओं पर लगाम लगाना है। अनुमान है कि इस कानून से सालाना 184 मिलियन डॉलर अतिरिक्त टिपिंग आय होगी, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक वर्कर को लगभग $2,287 अधिक मिलेंगे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कानून केवल टिप के बारे में नहीं है, बल्कि यह कॉर्पोरेट जवाबदेही के बारे में है। इससे पहले, Uber Eats और DoorDash जैसी कंपनियां शहर के $22.13 प्रति घंटे के न्यूनतम वेतन कानून से बचने के लिए टिपिंग बटन को छिपा देती थीं, जिससे वर्कर्स को भारी नुकसान हो रहा था।
"ऐप कंपनियों ने न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक न्यूनतम वेतन कानून का सम्मान करने के बजाय अपने मुनाफे की रक्षा के लिए प्लेटफॉर्म में हेरफेर करना चुना," वर्कर्स जस्टिस प्रोजेक्ट की कार्यकारी निदेशक लिगिया गुआल्पा ने कहा।
तुलनात्मक डेटा: कानून से पहले बनाम कानून के बाद
| विवरण | कानून से पहले | कानून के बाद |
|---|---|---|
| औसत टिप प्रति डिलीवरी | $1.18 | $2.29 |
| सालाना अनुमानित अतिरिक्त आय | -$554 मिलियन (नुकसान) | +$184 मिलियन (लाभ) |
हालांकि DoorDash जैसी कंपनियों ने तर्क दिया था कि इससे ग्राहकों पर बोझ बढ़ेगा, लेकिन DCWP के आंकड़े बताते हैं कि डिलीवरी की मांग पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। वास्तव में, साप्ताहिक ऑर्डर बढ़कर 3.3 मिलियन तक पहुंच गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: नया कानून क्या करता है?
यह सुनिश्चित करता है कि फूड और ग्रोसरी ऐप्स चेकआउट के समय ग्राहकों को पारदर्शी टिपिंग विकल्प प्रदान करें।
प्रश्न 2: क्या इससे डिलीवरी महंगी हो गई है?
नहीं, आंकड़ों के अनुसार डिलीवरी की मांग बढ़ी है और ग्राहकों के व्यवहार पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।