डिंडिगुल के किसानों ने जल निकायों के सूखने और कृषि संकट के कारण जिले को आधिकारिक तौर पर सूखा प्रभावित घोषित करने की मांग की है। उन्होंने फसल ऋण माफी और पीने के पानी की समस्या के समाधान की भी अपील की है।
मुख्य बातें
- डिंडिगुल के किसानों ने जिले को 'सूखा प्रभावित' घोषित करने की मांग की।
- फसल ऋण माफी और सिंचाई नहरों से अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई गई।
- पीने के पानी की कमी और जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसान पर भी चर्चा हुई।
- प्रशासन ने नए बोरवेल खोदने और निरीक्षण करने का आश्वासन दिया।
तमिलनाडु के डिंडिगुल जिले में कृषि संकट गहराता जा रहा है। गुरुवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित किसान शिकायत निवारण बैठक के दौरान, स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन से जिले को आधिकारिक रूप से सूखा प्रभावित घोषित करने की पुरजोर मांग की। किसानों का कहना है कि पानी के स्रोतों के सूख जाने से कृषि गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो गई हैं।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर दुर्गामूर्ति के समक्ष किसानों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि जिले भर में जल निकाय सूख चुके हैं, जिससे न केवल खेती प्रभावित हुई है बल्कि पीने के पानी का भी गंभीर संकट पैदा हो गया है। किसानों ने मांग की है कि सूखे के कारण हुए भारी नुकसान को देखते हुए उनके फसल ऋण (Crop Loans) को तुरंत माफ किया जाए।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि डिंडिगुल जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों में पानी की कमी न केवल आर्थिक संकट पैदा करती है, बल्कि ग्रामीण पलायन और सामाजिक अस्थिरता का कारण भी बन सकती है। यदि समय रहते राहत नहीं दी गई, तो यह क्षेत्र एक बड़े मानवीय संकट की ओर बढ़ सकता है।
कृषि संकट केवल पानी की कमी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ टूटने का संकेत है।
किसानों ने सिंचाई नहरों पर अवैध अतिक्रमण हटाने और जलाशयों से गाद (desilting) निकालने की भी मांग की। इसके जवाब में, कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि निरीक्षण किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सिरुमलाई क्षेत्र में जंगली जानवरों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान और उर्वरकों की कालाबाजारी को रोकने के लिए भी अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की गई।
बैठक के दौरान तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली, जब गुजिलीयमपराई के किसानों के एक समूह ने अधिकारियों द्वारा ठोस कार्रवाई न किए जाने के विरोध में बैठक से वॉकआउट कर दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: किसान डिंडिगुल को सूखा प्रभावित घोषित करने की मांग क्यों कर रहे हैं?
उत्तर: क्योंकि जिले के जल निकाय सूख चुके हैं और कृषि गतिविधियां पूरी तरह से प्रभावित हो गई हैं।
प्रश्न 2: प्रशासन ने पानी की समस्या पर क्या आश्वासन दिया है?
उत्तर: कलेक्टर ने पीने के पानी की आपूर्ति को प्राथमिकता देने और नए बोरवेल खोदने का आश्वासन दिया है।