राजस्थान की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में वेटिंग लिस्ट लागू करने की मांग को लेकर जयपुर के शहीद स्मारक पर बेरोजगारों का बड़ा धरना शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उच्च शिक्षित उम्मीदवार नौकरी ज्वाइन नहीं कर रहे हैं, जिससे योग्य वेटिंग लिस्ट वाले अभ्यर्थी वंचित रह रहे हैं।

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मुख्य बातें

  • राजस्थान चपरासी भर्ती में वेटिंग लिस्ट लागू करने की मांग को लेकर जयपुर में प्रदर्शन।
  • PhD और MBA जैसे उच्च शिक्षित उम्मीदवारों के चयन और नौकरी न ज्वाइन करने पर विवाद।
  • सरकार का तर्क है कि 2024 की भर्ती पर 2026 का नया वेटिंग नियम तकनीकी कारणों से लागू नहीं हो सकता।
  • प्रदर्शनकारियों का दावा है कि हजारों पद खाली रह सकते हैं।

राजस्थान की सबसे बड़ी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (Peon Recruitment) भर्ती प्रक्रिया इस समय एक बड़े विवाद के केंद्र में है। जयपुर के शहीद स्मारक पर बड़ी संख्या में बेरोजगार अभ्यर्थी धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों का मुख्य मुद्दा यह है कि सरकार ने सरकारी नौकरियों में एक साल का 'वेटिंग नियम' लागू करने की घोषणा तो की है, लेकिन इस विशेष भर्ती में इसे लागू करने से इनकार कर दिया है।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का एक चौंकाने वाला दावा है कि यह भर्ती केवल 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए थी, लेकिन इसमें MA, MBA और PhD जैसी उच्च डिग्रियों वाले उम्मीदवार चयनित हो गए हैं। ये उच्च शिक्षित अभ्यर्थी अक्सर अन्य बड़ी सरकारी नौकरियों की तैयारी के कारण इस पद को ज्वाइन नहीं करते हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि चयनित उम्मीदवार पद नहीं भरते हैं, तो उन रिक्तियों का लाभ वेटिंग लिस्ट में मौजूद योग्य उम्मीदवारों को मिलना चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल एक भर्ती का नहीं बल्कि राज्य की रोजगार नीति और प्रशासनिक विसंगतियों का है। यदि वेटिंग लिस्ट लागू नहीं की जाती है, तो हजारों योग्य उम्मीदवार वर्षों तक बेरोजगार बने रहेंगे, जबकि सरकारी विभाग रिक्त पदों के कारण कार्यकुशलता खो देंगे। यह स्थिति युवाओं के बीच सरकार के प्रति अविश्वास पैदा कर सकती है।

"तकनीकी कारणों और भर्ती वर्ष के अंतर का हवाला देकर वेटिंग लिस्ट को रोकना हजारों युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।"

सरकार की ओर से इस मुद्दे पर विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने स्वीकार किया कि वेटिंग नियम लागू करने के प्रयास किए गए थे, लेकिन तकनीकी बाधाओं के कारण बात नहीं बन सकी। वहीं, मंत्रियों का कहना है कि चूंकि यह भर्ती 2024 की है और वेटिंग नियम 2026 के बजट में घोषित हुआ है, इसलिए इसे पिछली भर्तियों पर लागू करना कानूनी रूप से जटिल है।

क्या आप जानते हैं?: प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सचिवालय में 550 चपरासी पदों में से केवल 150 लोगों ने ही ज्वाइन किया, जबकि बाकी छह महीने की छुट्टी पर चले गए।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: प्रदर्शनकारी क्या मांग कर रहे हैं?
उत्तर: प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि चपरासी भर्ती में वेटिंग लिस्ट लागू की जाए ताकि खाली पदों को योग्य उम्मीदवारों से भरा जा सके।

प्रश्न 2: सरकार का इस पर क्या रुख है?
उत्तर: सरकार का कहना है कि 2026 का वेटिंग नियम 2024 की भर्ती पर तकनीकी कारणों से लागू नहीं किया जा सकता।