पेलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों के बीच, CRPF महानिदेशक जी.पी. सिंह ने RAF की 103 बटालियन का दौरा किया और जवानों को अटूट समर्पण के साथ देश की सेवा करने का आह्वान किया।

मुख्य बिंदु

  • CRPF महानिदेशक जी.पी. सिंह ने RAF की 103 बटालियन का दौरा किया।
  • पेलेट गन के उपयोग से जुड़े विवाद के बाद यह दौरा महत्वपूर्ण है।
  • जवानों को 'संवेदनशील पुलिसिंग' और सीमित बल प्रयोग करने का निर्देश दिया गया है।
  • DCP के निर्देश पर पेलेट गन चलाने की पुष्टि जनरल डायरी से हुई है।

नई दिल्ली: पेलेट गन के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने शुक्रवार को रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 103 बटालियन के मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और जवानों को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करने के लिए प्रेरित किया।

पेलेट गन विवाद और घटनाक्रम

हाल ही में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान RAF कर्मियों द्वारा पेलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों ने विवाद खड़ा कर दिया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया था, लेकिन RAF द्वारा संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई जनरल डायरी से खुलासा हुआ कि एक DCP के निर्देश पर एंटी-रायट गन से दो राउंड फायर किए गए थे। इस घटना में कम से कम चार लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक की आंखों की रोशनी जाने का खतरा बना हुआ है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना सुरक्षा बलों की छवि और नागरिक विरोध प्रदर्शनों के प्रबंधन के बीच के नाजुक संतुलन को दर्शाती है। RAF जैसे विशेषीकृत दंगों से निपटने वाले बल के लिए 'संवेदनशील पुलिसिंग' का सिद्धांत बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए मानवाधिकारों का उल्लंघन न हो।

सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करते समय अत्यंत विवेकपूर्ण और संयमित रहना चाहिए ताकि नागरिक सुरक्षा और कानून का शासन दोनों सुनिश्चित हो सकें।

घटना के बाद, RAF ने जंतर-मंतर पर तैनात कर्मियों से शॉक बैटन, इलेक्ट्रिक शील्ड और पेलेट गन (PAG/ARG) जैसे हथियार वापस ले लिए हैं। RAF की आईजी सीमा धुंधिया ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक अगले आदेश न मिलें, तब तक इन हथियारों का उपयोग वर्जित रहेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को विशेष रूप से दंगों को नियंत्रित करने और सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए CRPF के तहत एक विशेष इकाई के रूप में बनाया गया था। इनका मुख्य उद्देश्य न्यूनतम बल का उपयोग करके शांति व्यवस्था बहाल करना है।

क्या आप जानते हैं?: RAF को विशेष रूप से भीड़ नियंत्रण और सांप्रदायिक दंगों के दौरान संवेदनशील परिस्थितियों को संभालने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: पेलेट गन विवाद का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पेलेट गन का उपयोग किया गया था, जिससे प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं।

प्रश्न 2: CRPF प्रमुख ने जवानों को क्या आश्वासन दिया?
उत्तर: जी.पी. सिंह ने आश्वासन दिया कि कर्तव्य पालन के दौरान लिए गए निर्णयों की जिम्मेदारी वे स्वयं लेंगे।