दिल्ली सरकार ने स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन, पैराग्लाइडर और हॉट एयर बैलून के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 2 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा।
मुख्य बातें
- दिल्ली में ड्रोन, पैराग्लाइडर और यूएवी (UAV) उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध।
- सुरक्षा कारणों से स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया।
- यह आदेश 2 अगस्त 2026 से लागू होगा।
दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आगामी स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर, दिल्ली के अधिकार क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के हवाई उपकरणों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रतिबंधित उपकरण और नियम
जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब दिल्ली के ऊपर पैरा-ग्लाइडर, पैरा-मोटर, हैंग-ग्लाइडर, अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV), अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम (UAS), माइक्रोलैइट विमान, रिमोटली पाइलट विमान और हॉट एयर बैलून उड़ाना सख्त मना है। यह प्रतिबंध अधिसूचित अवधि के दौरान पूरे दिल्ली क्षेत्र में प्रभावी रहेगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को अत्यधिक सख्त कर दिया जाता है। ड्रोन और अन्य बिना पायलट वाले विमानों का दुरुपयोग सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, इसलिए हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित करना अनिवार्य है।
सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध हवाई गतिविधि को रोकने के लिए अत्याधुनिक निगरानी तंत्र का उपयोग कर रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या मैं निजी काम के लिए ड्रोन उड़ा सकता हूँ?
नहीं, इस अधिसूचना की अवधि के दौरान दिल्ली में किसी भी उद्देश्य के लिए ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है।
2. यह आदेश कब से लागू हो रहा है?
यह आदेश 2 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा।