केंद्र सरकार ने डेटा केंद्रों के संचालन के लिए जल निकासी और पर्यावरणीय मानकों पर नई गाइडलाइंस पेश की हैं। अब डेटा परियोजनाओं के लिए भूजल का उपयोग जल शक्ति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अधीन होगा।

मुख्य बातें

  • डेटा केंद्रों को अब जल शक्ति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
  • बड़े डेटा केंद्रों के लिए पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearance) अनिवार्य कर दी गई है।
  • EIA अधिसूचना, 2006 के तहत भौतिक फुटप्रिंट के आधार पर नियम लागू होंगे।

भारत में बढ़ते डिजिटल बुनियादी ढांचे के बीच, केंद्र सरकार ने डेटा केंद्रों के संचालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, डेटा केंद्रों द्वारा किए जाने वाले भूजल दोहन को अब जल शक्ति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के कड़े अनुपालन के अधीन रखा जाएगा।

पर्यावरणीय मंजूरी की अनिवार्यता

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि डेटा केंद्रों के लिए पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करना अब कोई विकल्प नहीं बल्कि एक आवश्यकता है। EIA अधिसूचना, 2006 के शेड्यूल्ड 8 के तहत, किसी भी डेटा केंद्र का भौतिक आकार (physical footprint) यह निर्धारित करेगा कि उसे कितनी पर्यावरणीय मंजूरी की आवश्यकता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि डेटा केंद्रों की भारी बिजली और पानी की खपत को देखते हुए, ये नियम भविष्य में जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। जैसे-जैसे क्लाउड कंप्यूटिंग और AI का विस्तार हो रहा है, संसाधनों का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

डेटा केंद्रों के लिए संसाधन प्रबंधन अब केवल परिचालन संबंधी मुद्दा नहीं, बल्कि एक कानूनी अनिवार्यता बन गया है।

सरकार का यह कदम सुनिश्चित करता है कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां भूजल का स्तर पहले से ही चिंताजनक है, वहां ये नियम गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।

क्या आप जानते हैं?: एक औसत डेटा सेंटर को ठंडा रखने के लिए लाखों लीटर पानी की आवश्यकता हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या सभी डेटा केंद्रों को पर्यावरण मंजूरी की आवश्यकता है?
नहीं, यह उनके भौतिक आकार और EIA अधिसूचना, 2006 के तहत उनके फुटप्रिंट पर निर्भर करता है।

2. जल उपयोग के लिए कौन सा मंत्रालय जिम्मेदार है?
डेटा केंद्रों द्वारा भूजल के उपयोग के लिए जल शक्ति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।