बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के लिए भारतीय रेलवे अब IFS और अन्य सार्वजनिक उपयोगिता संगठनों के अधिकारियों को शामिल करेगा। इस बदलाव का उद्देश्य प्रोजेक्ट्स की समय पर पूरी होना और पेशेवर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

मुख्य बिंदु

  • भारतीय वन सेवा (IFS), राजस्व विभागों और अन्य सार्वजनिक उपयोगिता संगठनों के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
  • निर्माण विंग्स को लगभग स्वायत्त संस्थाओं में बदला जाएगा ताकि बार-बार होने वाले तबादलों से काम न रुके।
  • नियुक्तियों के लिए एक नया 'केंद्रीय चयन बोर्ड' (CSB) बनाया जाएगा, जो पेशेवर दक्षता और AI कौशल की जांच करेगा।
  • चयनित अधिकारी 5 साल के कार्यकाल के लिए तैनात होंगे और उन्हें अनिवार्य विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

भारतीय रेलवे अपने निर्माण विंग के ढांचे में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। पारंपरिक आंतरिक कैडर पर निर्भरता कम करते हुए, रेलवे बोर्ड ने भारतीय वन सेवा (IFS), राजस्व विभागों और अन्य सार्वजनिक उपयोगिता संगठनों के अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर लेने की योजना को मंजूरी दी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश भर में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निष्पादन में तेजी लाना है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, रेलवे के पारंपरिक प्रशासनिक ढांचे में 'तबादला थकान' एक बड़ी समस्या थी, जिससे अधिकारियों के बार-बार बदलने से प्रोजेक्ट की गति धीमी हो जाती थी। निर्माण विंग्स को लगभग स्वायत्त संस्थाओं में बदलकर, मंत्रालय अब नौकरशाही के बजाय परिचालन निरंतरता (Operational Continuity) को प्राथमिकता दे रहा है। यह हाई-स्पीड रेल और नेटवर्क आधुनिकीकरण के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक कॉर्पोरेट-शैली के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की ओर इशारा करता है।

गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए, सरकार केंद्रीय चयन बोर्ड (CSB) का गठन कर रही है। ये बोर्ड एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उम्मीदवारों की उपलब्धियों और तकनीकी विशेषज्ञता की जांच करेंगे। ग्रुप 'बी' अधिकारी भी आवेदन कर सकते हैं, हालांकि उनकी तैनाती उनके वर्तमान जोनल रेलवे तक ही सीमित रहेगी।

"रेलवे के निर्माण विंग में बाहरी विशेषज्ञता को शामिल करना विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा वितरण समयसीमा को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

नई नीति के तहत एक कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। चयनित अधिकारियों को कवच (Kavach), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स और हाई-स्पीड रेल निर्माण जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए, 'कठिन परियोजनाओं' पर काम करने वाले अधिकारियों को आधिकारिक आवास बनाए रखने जैसे लाभ दिए जाएंगे।

क्या आप जानते हैं?: प्रशिक्षण में उल्लेखित 'कवच' प्रणाली भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है, जिसे टक्कर रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए बनाया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. इन पदों के लिए कौन आवेदन करने के योग्य है?
भारतीय वन सेवा, राजस्व विभाग, अन्य सार्वजनिक उपयोगिता संगठनों के अधिकारी और रेलवे के वे आंतरिक अधिकारी जो निर्धारित योग्यता मानदंडों को पूरा करते हैं, आवेदन कर सकते हैं।

2. इन अधिकारियों का कार्यकाल कितना होगा?
मानक कार्यकाल पांच वर्ष का होगा, जिसे प्रदर्शन और परियोजना की आवश्यकताओं के आधार पर दो अतिरिक्त वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है।