राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO पद के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू कर दी है। 5300 आवेदनों में से चुने गए 18 उम्मीदवारों से उनकी प्रशासनिक क्षमता के साथ-साथ धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत जीवनशैली पर भी सवाल पूछे जा रहे हैं।
मुख्य बातें
- CEO पद के लिए देशभर से 5,300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे।
- कुल 18 योग्य उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
- इंटरव्यू में प्रशासनिक अनुभव के साथ धार्मिक मान्यताओं पर भी जोर दिया गया।
- 2 सितंबर तक चयन प्रक्रिया पूरी कर CEO का नाम घोषित किया जाएगा।
अयोध्या के भव्य राम मंदिर के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए ट्रस्ट ने अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की तलाश तेज कर दी है। 11 अगस्त से शुरू हुए इस चयन प्रक्रिया के इंटरव्यू अयोध्या के राम मंदिर परिसर के उत्तरी हिस्से में स्थित ग्रीन हाउस में आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक कौशल और धार्मिक आस्था का संगम
इस महत्वपूर्ण पद के लिए चयन प्रक्रिया बेहद अनूठी है। उम्मीदवारों से न केवल उनके प्रशासनिक अनुभव और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) की क्षमता के बारे में पूछा जा रहा है, बल्कि उनकी धार्मिक निष्ठा को भी परखा जा रहा है। इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से उनकी जीवनशैली से जुड़े बेहद संवेदनशील सवाल किए गए, जैसे कि क्या वे शुद्ध शाकाहारी हैं, क्या वे जनेऊ पहनते हैं, और क्या वे हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार वेशभूषा धारण करने में सहज हैं।
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि राम मंदिर ट्रस्ट केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व की तलाश में है जो मंदिर की पवित्रता और सांस्कृतिक मर्यादाओं को पूरी तरह समझता हो। यही कारण है कि इंटरव्यू में शराब के सेवन और खान-पान की आदतों जैसे व्यक्तिगत विषयों को भी शामिल किया गया है।
राम मंदिर का CEO केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि मंदिर की गरिमा और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का संरक्षक होगा।
चयन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण नाम
इस चयन के लिए एक तीन सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसमें रिटायर्ड जज प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं। 18 शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों में पूर्व IAS अधिकारी और पूर्व IPS अधिकारी जैसे अनुभवी व्यक्तित्व शामिल हैं।
चर्चाओं के अनुसार, पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर मिश्रा और पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय जैसे नाम इस दौड़ में काफी मजबूत माने जा रहे हैं। समिति को 2 सितंबर तक तीन नामों का पैनल सौंपना है, जिसके बाद ट्रस्ट की कार्यकारी समिति अंतिम निर्णय लेगी।
Why This Matters
राम मंदिर का CEO पद अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस अधिकारी के पास मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय, कानूनी और सुरक्षा संबंधी सभी बड़े निर्णय लेने का अधिकार होगा। हाल ही में चंदा चोरी जैसे मामलों के बाद, ट्रस्ट एक मजबूत और विश्वसनीय नेतृत्व स्थापित करना चाहता है।
Frequently Asked Questions
1. राम मंदिर CEO के लिए कितने आवेदन आए थे?
देशभर से कुल 5,300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
2. CEO का चयन कब तक होगा?
चयन प्रक्रिया 2 सितंबर तक पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम नाम की घोषणा की जाएगी।