साउथ डकोटा में चाइल्ड केयर सहायता कार्यक्रम में बदलाव के कारण फोस्टर परिवारों के बीच वित्तीय अनिश्चितता पैदा हो गई है। हालांकि, विभाग ने आश्वासन दिया है कि वे सभी लागतों को कवर करेंगे।

मुख्य बातें

  • डेकेयर भुगतान को प्रति घंटा से बदलकर साप्ताहिक कर दिया गया है।
  • फोस्टर परिवारों को डर है कि उन्हें हर महीने $500 तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।
  • साउथ डकोटा DSS ने स्पष्ट किया है कि वे शेष लागतों का भुगतान जारी रखेंगे।

साउथ फॉल्स, साउथ डकोटा: साउथ डकोटा के चाइल्ड केयर सहायता कार्यक्रम में हाल ही में हुए बदलावों ने स्थानीय फोस्टर परिवारों (पालक परिवारों) के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। भुगतान संरचना में बदलाव के कारण, कई माता-पिता अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या वे अतिरिक्त बच्चों को अपने घर में जगह देने का खर्च उठा पाएंगे।

भुगतान संरचना में बदलाव का संकट

चिंता का मुख्य कारण राज्य द्वारा चाइल्ड केयर के भुगतान के तरीके में किया गया बदलाव है। अब भुगतान को प्रति घंटा दर के बजाय साप्ताहिक दर पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस पुनर्गठन के कारण फोस्टर माता-पिता को डर है कि डेकेयर के खर्चों को कवर करने के लिए उन्हें अपनी जेब से प्रति माह $500 तक का भुगतान करना पड़ सकता है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जब फोस्टर परिवारों को वित्तीय असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, तो इसका सीधा असर बच्चों की सुरक्षा और देखभाल पर पड़ता है। यदि पालक परिवार आर्थिक बोझ के कारण नए बच्चों को लेने से हिचकिचाते हैं, तो राज्य की बाल संरक्षण प्रणाली कमजोर हो सकती है।

"हम बच्चों के जीवन में बदलाव ला रहे हैं, और इसके लिए हमें $22.85 प्रतिदिन मिल रहा है। हम पैसा कमाने के लिए यह नहीं कर रहे हैं, हम यह बच्चों के प्रति प्रेम के कारण कर रहे हैं," केय सयार्डा ने कहा।

केय सयार्डा जैसे फोस्टर माता-पिता, जो बच्चों के आघात (trauma) और व्यवहार संबंधी चुनौतियों का समर्थन करने के लिए भारी निवेश करते हैं, अब नए बच्चों को अपनाने से पहले दो बार सोचने पर मजबूर हैं।

DSS की प्रतिक्रिया और आश्वासन

चिंताओं के जवाब में, साउथ डकोटा के सामाजिक सेवा विभाग (DSS) के सचिव मैट अल्थॉफ ने स्पष्ट किया कि राज्य की सहायता संरचना में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "DSS फोस्टर केयर परिवारों को दिए जाने वाले निरंतर समर्थन की नीति पर कायम है और बच्चों के लिए चाइल्ड केयर से जुड़ी किसी भी शेष लागत का भुगतान करना जारी रखेगा।"

अल्थॉफ ने यह भी कहा कि विभाग के कर्मचारी अब इस नए बदलाव के बारे में परिवारों को बेहतर जानकारी देने के लिए तैयार किए जाएंगे ताकि संचार अंतराल (communication gap) को समाप्त किया जा सके।

क्या आप जानते हैं?: फोस्टर पैरेंटिंग केवल एक सेवा नहीं है, बल्कि यह एक जटिल भावनात्मक और वित्तीय जिम्मेदारी है जो बच्चों के भविष्य को आकार देती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या सरकार अब भी डेकेयर का पूरा भुगतान करेगी?
हाँ, DSS के अनुसार, वे फोस्टर बच्चों के लिए डेकेयर की शेष राशि का भुगतान करना जारी रखेंगे।

2. भुगतान पद्धति में क्या बदलाव आया है?
भुगतान अब प्रति घंटा के बजाय साप्ताहिक आधार पर किया जा रहा है।