यूएई में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनकर भारतीय युवाओं को लुभाया और उन्हें आईएसआई (ISI) के इशारे पर जासूसी और धमाकों के लिए इस्तेमाल किया।

  • यूएई स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए भारतीय युवाओं की भर्ती की।
  • महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और रेलवे स्टेशनों के पास सीसीटीवी कैमरे लगाने और विस्फोटक प्लांट करने के लिए पैसे दिए गए।
  • यह नेटवर्क पाकिस्तान की आईएसआई (ISI) द्वारा समर्थित है, जिसने अपराध को आतंकवाद में बदल दिया।
  • भारत के 14 राज्यों से अब तक 200 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

आधुनिक तकनीक का खतरनाक इस्तेमाल करते हुए, सुरक्षा एजेंसियों ने शहजाद भट्टी द्वारा संचालित एक बड़े आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से काम कर रहे भट्टी ने खुद को एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में पेश किया और भारत के भोले-भाले युवाओं को निशाना बनाया, जिससे डिजिटल जुड़ाव जासूसी और हिंसा का जरिया बन गया।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राज्य पुलिस के अनुसार, भट्टी का तरीका बेहद शातिर था। वह उन युवाओं से संपर्क करता था जो उसकी पोस्ट को लाइक या कमेंट करते थे। शुरुआत में, वह सार्वजनिक स्थानों पर अपने पोस्टर लगाने के लिए ₹5,000 से ₹10,000 देने का लालच देता था। इस 'पोस्टर युद्ध' का उद्देश्य स्थानीय लोगों में डर पैदा करना और खुद को एक शक्तिशाली गैंगस्टर के रूप में स्थापित करना था।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला 'हाइब्रिड वॉरफेयर' का एक खतरनाक उदाहरण है। सोशल मीडिया के आकर्षण को इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के रणनीतिक लक्ष्यों के साथ जोड़कर, इस नेटवर्क ने भर्ती के पारंपरिक तरीकों को बदल दिया है। मध्य एशियाई देशों से छोटे-छोटे वित्तीय लेनदेन के माध्यम से फंड भेजा गया, जिससे बैंकिंग चैनलों की निगरानी से बचना आसान हो गया।

जैसे-जैसे नेटवर्क बढ़ा, काम और खतरनाक होते गए। भर्ती किए गए लोगों को एयर बेस, रेलवे स्टेशनों और मुख्य सड़कों के पास चीनी निर्मित सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया। इन कैमरों की फुटेज सीधे पाकिस्तान में लाइव-स्ट्रीम की जाती थी, जिससे भारतीय प्रतिष्ठानों की वास्तविक समय की जानकारी जुटाई जा सके। इसके अलावा, भट्टी ने पंजाब में युवाओं को पेट्रोल बम और आईईडी (IED) बनाने के ऑनलाइन मैनुअल भी भेजे।

"सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से संगठित अपराध का आतंकवाद में परिवर्तन डिजिटल कट्टरपंथ के एक नए युग की शुरुआत है, जिसके लिए बहुस्तरीय खुफिया प्रतिक्रिया की आवश्यकता है।"

भट्टी के नेटवर्क का विस्तार 14 राज्यों में था, जिनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र और केरल शामिल हैं। जालंधर में इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के घर पर ग्रेनेड हमला और सिरसा व अंबाला के पुलिस स्टेशनों में हुए धमाकों का संबंध भट्टी से पाया गया है। NIA ने उसे भगोड़ा घोषित कर चार्जशीट दाखिल की है और सोहेल बलोच जैसे अन्य हैंडलर्स के साथ उसके संबंधों का खुलासा किया है।

इस पूरे प्रकरण में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ उसकी प्रतिद्वंद्विता को भी सोशल मीडिया पर हवा दी गई। इस आपसी दुश्मनी का उपयोग अनुयायियों को आकर्षित करने के लिए किया गया, ताकि आईएसआई के गहरे भू-राजनीतिक एजेंडे को छिपाया जा सके। वर्तमान में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) राज्य पुलिस के साथ मिलकर इस नेटवर्क के बचे हुए मॉड्यूल को खत्म करने में जुटा है।

क्या आप जानते हैं?: भट्टी अपने गुर्गों से संपर्क करने के लिए '333' पर समाप्त होने वाले इंस्टाग्राम अकाउंट्स का उपयोग करता था, जिन्हें बाद में भारतीय अधिकारियों ने ब्लॉक कर दिया।

कार्यप्रणाली का विकास

चरणगतिविधिउद्देश्य
शुरुआती चरणपोस्टर अभियानब्रांडिंग और डर पैदा करना
मध्य चरणग्रेनेड/विस्फोटकअस्थिरता और आतंक
अंतिम चरणसीसीटीवी/लाइव-स्ट्रीमिंगरणनीतिक जासूसी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: शहजाद भट्टी ने भारत में अपने गुर्गों को पैसा कैसे भेजा?
उत्तर: भुगतान मध्य एशियाई देशों से सीधे बैंक खातों में छोटी राशियों में किया गया ताकि बैंकिंग अलर्ट से बचा जा सके।

प्रश्न 2: इस जांच का नेतृत्व कौन सी एजेंसियां कर रही हैं?
उत्तर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और विभिन्न राज्य पुलिस बल मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं।