एलीट एंटी-नारकोटिक्स ग्रुप (EAGLE) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने रत्नाचल एक्सप्रेस में यात्रा करते तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और 31.5 किलोग्राम गांजा जब्त किया। यह कार्रवाई राज्य के भीतर बढ़ते ड्रग तस्करी नेटवर्क को चुनौती देती है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 31.5 किग्रा गांजा रत्नाचल एक्सप्रेस से बरामद
  • EAGLE और GRP की संयुक्त अंटीड्रग ऑपरेशन
  • तीन आरोपी और एक नाबालिग को गिरफ्तार

विजयवाड़ा में 10 जुलाई को हुई एक सामूहिक अंटीड्रग कार्रवाई में एलीट एंटी‑नारकोटिक्स ग्रुप (EAGLE) ने सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के साथ मिलकर रत्नाचल एक्सप्रेस से 31.5 किलोग्राम गांजे की बड़ी मात्रा बरामद की और तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। यह घटना आंध्र प्रदेश के रेलवे नेटवर्क में ड्रग तस्करी को रोकने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।

ऑपरेशन की पृष्ठभूमि

EAGLE, जो भारत सरकार द्वारा स्थापित एक विशेष एंटी‑नारकोटिक्स इकाई है, ने पिछले कुछ वर्षों में रेलवे के माध्यम से तस्करी की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर कई सफल अभियानों को अंजाम दिया है। इस बार की कार्रवाई का संकेत एक स्थानीय सूचना पर मिला, जिसमें बताया गया था कि रत्नाचल एक्सप्रेस के कुछ यात्रियों ने गांजा ले जाने की योजना बनाई है। GRP के सर्कल इंस्पेक्टर जे. वी. रामना ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने ट्रेन के एक कोच को रोका और संदिग्ध पैकेजों की जाँच की।

गिरफ्तारी और माल की जानकारी

गिरफ्तारी में तीन प्रमुख आरोपी शामिल थे: डी. राजु (आनकापल्ली जिले के वी. सरबवरम गांव के निवासी), जॉकीम बालासवरी डी‑सौजा (महाराष्ट्र के सूर्यनगर गांव के निवासी) और के. धानराजु (कुर्नूल जिले के जोहरापुरम गांव के निवासी)। इसके अतिरिक्त, एक नाबालिग को भी तस्करी के प्रयास में शामिल पाया गया। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने ओडिशा के जनाथाबाई गांव के आदिवासी क्षेत्रों से गांजा प्राप्त कर काकिनाड़ा जिले के अन्नावारम तक पहुँचाया, जहाँ से इसे छोटे कार्टन में पैक कर बेंगलुरु भेजा जाना था।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

कब्जा किए गए गांजे का अनुमानित मूल्य लगभग ₹65,000 बताया गया है। यह राशि न केवल स्थानीय स्तर पर ड्रग तस्करी के आर्थिक लाभ को दर्शाती है, बल्कि यह भी इंगित करती है कि ऐसी तस्करी के पीछे बड़े नेटवर्क और व्यवस्थित लॉजिस्टिक समर्थन मौजूद है। इस तरह की तस्करी न केवल युवा वर्ग को नशे की लत में फंसाती है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा को भी कमजोर करती है।

भविष्य की दिशा

अधिकारियों ने कहा कि अब इस तरह की तस्करी के खिलाफ निरंतर निगरानी और अधिक सख्त जांच को अपनाया जाएगा। EAGLE और GRP दोनों ने मिलकर आगे भी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों पर विशेष जाँच टीमों को तैनात करने का वादा किया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और ड्रग तस्करी को सख्त दंड के साथ रोकने की नीति को मजबूत किया जा सके।