पंचकुला पुलिस ने अमृतसर हवाई अड्डे पर ‘डंकी’ रूट के माध्यम से विदेश भेजने के झूठे वादे पर 12.30 लाख रुपये की इमीग्रेशन धोखाधड़ी में शामिल मुख्य आरोपी अज़ाद सिंह को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी दो साल के बाद हुई, जबकि तीन अन्य सहयोगियों को पहले ही पकड़ लिया गया था।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • अज़ाद सिंह को अमृतसर हवाई अड्डे पर मलेशिया भागने की कोशिश में पकड़ा गया।
  • रायपुर रानी पुलिस स्टेशन में 7 मार्च 2024 को केस दर्ज, 12.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी.
  • पुलिस ने तीन सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार कर आरोपपत्र दायर किया।

पंचकुला पुलिस ने आज एक प्रमुख इमीग्रेशन धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मलेशिया की उड़ान पकड़ने के प्रयास में रोक लिया। आरोपी का नाम अज़ाद सिंह (पनिपत) है, जिस पर 12.30 लाख रुपये के अग्रिम भुगतान के बाद झूठे वादे के तहत भारत से दुबई‑अर्मेनिया के माध्यम से ‘डंकी’ मार्ग से संयुक्त राज्य अमेरिका भेजने का आरोप है।

केस का पृष्ठभूमि

यह मामला 7 मार्च 2024 को रायपुर रानी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। आईपीसी की धारा 406 (धोखाधड़ी), 420 (धोखा), 120‑B (साजिश) तथा इमीग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत जांच शुरू हुई। एक स्थानीय निवासी ने शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें बताया गया कि उसने 38 लाख रुपये की टूरिस्ट वीज़ा के झूठे वादे पर 12.30 लाख रुपये अग्रिम में दिए थे, परन्तु उसे पहले दुबई और फिर अर्मेनिया ले जाया गया। अंततः वह भारत वापस आया और पुलिस से मदद माँगी।

गिरफ्तारी का क्रम

अज़ाद सिंह दो साल से फरार था। 23 जून 2024 को उसके खिलाफ एक लुक‑आउट सर्क्युलर (LOC) जारी किया गया। इस सप्ताह के दौरान, वह अमृतसर हवाई अड्डे पर मलेशिया के लिए उड़ान बुक करने की कोशिश कर रहा था, जब पुलिस ने उसे रोक लिया। एंटी‑इमीग्रेशन फ्रॉड यूनिट के एक टीम ने कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करके उसे पंचकुला ले जाया, जहाँ स्थानीय अदालत ने तीन दिन की रिमांड मंज़ूर की।

अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी और आगे की जांच

डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, श्रीष्टी गुप्ता ने बताया कि पहले ही तीन सहयोगियों—बलजिंदर, विकास (उपनाम विक्की) और पंकज चौहान—को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी। अज़ाद सिंह के पूछताछ के दौरान उसने एक और सहकारी का नाम बताया, जिसे अब पुलिस ट्रेस कर रही है। साथ ही, धोखा खाए व्यक्ति को दिए गए अग्रिम का कुछ हिस्सा बरामद करने की भी कोशिश चल रही है।

सामाजिक संदेश

गुन्हेगारों की पकड़ को देखते हुए, गुप्ता ने विदेश यात्रा की योजना बनाने वाले नागरिकों को सरकारी मान्यता प्राप्त और लाइसेंसधारी इमीग्रेशन एजेंटों से ही संपर्क करने की सलाह दी। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे धोखाधड़ी मामलों में तुरंत पुलिस या एंटी‑इमीग्रेशन फ्रॉड यूनिट को रिपोर्ट करें, ताकि भविष्य में अन्य लोगों को इस प्रकार के जाल में फँसने से बचाया जा सके।