राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बालिका के शारीरिक शोषण की साजिश उजागर हुई। पुलिस ने अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया और तीन संदिग्ध होटलों को आंशिक रूप से ध्वस्त कर दिया।

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मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 13 साल की बालिका को होटल में घंटे‑भर के लिए 1,500‑2,500 रुपये में बेचा गया
  • पुलिस ने अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया, तीन होटलों को आंशिक रूप से ध्वस्त किया
  • सौदा सोशल मीडिया पर फोटो भेजकर, नकद लेन‑देन के माध्यम से किया जाता था

राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक घिनौना बाल शोषण मामला सामने आया, जिसमें 13 वर्षीय नाबालिग को होटल के कमरों में घंटे‑भर के लिए 1,500 से 2,500 रुपये के बदले बेचा गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल संदेश और गवाहियों के आधार पर अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों में डाल दिया है।

साजिश का संचालन और वित्तीय ढाँचा

शामिल होटल संचालकों ने सोशल मीडिया ग्रुप्स के माध्यम से बालिका की तस्वीरें भरोसेमंद ग्राहकों को भेजीं। ग्राहक केवल नकद भुगतान करते थे, जिससे डिजिटल या बैंकिंग लेन‑देन के कोई रिकॉर्ड नहीं बचते। इस कारण पुलिस को वित्तीय सबूत जुटाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, परंतु कैश लेन‑देन की गवाहियों से अपराध का पैटर्न स्पष्ट हो गया।

तीन प्रमुख होटलों की भूमिका

जांच में उजागर हुए तीन होटल – जॉय इन (सुखाड़िया मार्ग), ड्रीम इन (बीरबल चौक) और सैफ फायर इन (मोटर मार्केट) – लगातार शोषण के केंद्र रहे। जिला प्रशासन ने इन होटलों को अवैध निर्माण के तहत आंशिक रूप से ध्वस्त कर दिया, जिससे अपराधी नेटवर्क को एक झटका लगा।

नए गिरफ्तार और आगे की चुनौतियाँ

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि मंगलवार को एक नया आरोपी, आकाश नायक, को गिरफ्तार किया गया। वह होटल जॉय इन के मैनेजर के मित्र थे और ठेकेदार हरदीप सिंह के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम देते रहे। अब भी एक ठेकेदार फरार है, जिसके पकड़े जाने से संभावित अतिरिक्त अपराधियों का खुलासा हो सकता है।

सामाजिक एवं कानूनी प्रतिक्रिया

केस की गूँज राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच चुकी है। आयोग ने पुलिस अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी, और पुलिस ने सोशल मीडिया पर झूठी खबरों और पीड़िता की पहचान उजागर करने वालों के खिलाफ IT एक्ट तथा पोक्सो एक्ट के तहत सख़्त कार्रवाई का एलान किया है।

यह मामला न केवल स्थानीय समुदाय को बल्कि पूरे देश को बाल शोषण के खिलाफ सख़्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता की याद दिलाता है।