बेंगलुरु में केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) ने पाँच लगातार अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने स्वयं को CCB अधिकारी बताकर 25 वर्षीय जिम ट्रेनर को अपहरण किया और 5 लाख रुपये की माँग की। यह मामला स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया और आरोपी अब न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेंगे।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- पाँच सद्यापराधियों को सीसीबी अधिकारी बनकर अपहरण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- पीड़ित को 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई, जिसमें नकली ड्रग आरोप भी शामिल थे।
- जांच में सीसीबी ने CCTV फुटेज और फोन ट्रैकिंग से अपराधियों को राजनु कुंटे में पकड़ा।
बेंगलुरु के शंकरपुरा पुलिस स्टेशन में 19 जून को जिम ट्रेनर मिथुल कुन्दर (25) के खिलाफ दर्ज की गई शिकायत के बाद, केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) ने पाँच सद्यापराधियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी स्वयं को CCB के अधिकारी बताकर, पीड़ित को क्लब में खेलते समय एक कार में जबरन ले गए और फिर उसे विभिन्न प्रकार के झूठे ड्रग आरोपों से दबाव में लाकर 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की।
घटनाक्रम का विस्तृत विवरण
समय लगभग 5.30 बजे था, जब छह पुरुष एक कार में आए और स्वयं को CCB पुलिस अधिकारी घोषित किया। उन्होंने तुरंत खेल रोक दिया, मिथुल को अपने साथ ले गए और उसके बैग व मोबाइल फोन को जबरन छीन लिया। आरोपियों ने मिथुल पर 500 किलोग्राम गांजा ले जाने का झूठा आरोप लगाया, साथ ही उसके थैले में LSD का स्टैम्प भी लगाया, ताकि आरोप अधिक विश्वसनीय लगे। उन्होंने पीड़ित को फोन अनलॉक करने के लिए मजबूर किया और फोन की तस्वीरें लीं।
फिरौती और धमकी
पहले 1.8 लाख रुपये की मांग की गई, जिसे मिथुल ने 40,000 रुपये तक सीमित कर दिया। जब वह रकम नहीं दे पाया, तो उन्होंने उसे छोड़ दिया, लेकिन फिर 20 जून को एक आरोपी साई ने फोन करके 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की और भुगतान न करने पर मार डालने की धमकी दी। इस घटना ने पीड़ित को स्थानीय पुलिस के पास शिकायत दर्ज करने के लिए प्रेरित किया।
जांच और गिरफ़्तारी
डिप्टी कमिश्नर (क्राइम) इमाम खासिम राज़ा की निगरानी में CCB ने CCTV फुटेज, मोबाइल ट्रैकर और कई अन्य साक्ष्य एकत्र किए। अंततः 13 जुलाई को राजनु कुंटे में इन पाँच अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान तिर्मला V. (28), शांत कुमार (44), प्रेम साई (30), रंजीत राव (31) और नमिथ (उपनाम अभि) (29) के रूप में हुई है। अभी भी एक अन्य आरोपी को तलाशा जा रहा है।
भविष्य की संभावनाएँ
यह घटना बेंगलुरु में पुलिस के उपनाम से होने वाले घोटालों को उजागर करती है और नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी देती है। CCB ने इस प्रकार के झूठे पहचान के मामलों को रोकने हेतु अधिक कड़ी निगरानी और सार्वजनिक जागरूकता अभियान शुरू करने का संकेत दिया है।