कन्याकुमारी जिला कलेक्टर एम. प्रताप ने 'उंगलई थेडी उंगल ऊरिल' पहल के तहत विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और पर्यटन, कृषि तथा शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के आदेश दिए।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- कलेक्टर ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इको पार्क और सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए।
- किसानों के लाभ के लिए ओथापनई टैंक की सफाई और अतिरिक्त पानी छोड़ने का आदेश।
- स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की होम बेकिंग इकाइयों को विस्तार देने पर जोर।
- सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे का गहन निरीक्षण।
कन्याकुमारी, तमिलनाडु: जिला प्रशासन ने क्षेत्र के विकास और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिला कलेक्टर एम. प्रताप ने बुधवार को 'उंगलई थेडी उंगल ऊरिल' (Ungalai Thedi Ungal Ooril) पहल के अंतर्गत अगस्तीश्वरम तालुच के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं की स्थिति का आकलन करना और जनता को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार लाना था।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर प्रताप ने राज्य बागवानी विभाग के ऑर्चर्ड फार्म में स्थित इको पार्क का दौरा किया। उन्होंने वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की और परिसर के भीतर संचालित चॉकलेट निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पार्क की सुविधाओं को और अधिक आधुनिक और आकर्षक बनाया जाए ताकि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिले। इसके साथ ही, उन्होंने ऐतिहासिक वट्टकोट्टई किले का भी अवलोकन किया।
कृषि और महिला सशक्तिकरण पर ध्यान
क्षेत्रीय कृषि संकट को देखते हुए, कलेक्टर ने ओथापनई टैंक का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को टैंक की सफाई सुनिश्चित करने और किसानों के हित में अतिरिक्त पानी छोड़ने के निर्देश दिए। इसके अलावा, सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, उन्होंने दक्षिण थामरैकुलम में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं द्वारा संचालित होम बेकिंग गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को इन महिलाओं के व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए आवश्यक सहायता और संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
शिक्षा और बाल विकास का सुदृढ़ीकरण
प्रशासनिक सक्रियता का यह सिलसिला शिक्षा क्षेत्र तक भी फैला। कलेक्टर ने कोट्टाराम स्थित सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय का दौरा किया, जहाँ उन्होंने छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, कक्षाओं की गुणवत्ता और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की जांच की। अंत में, उन्होंने नल्लूर में निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचा और सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।