नीलगिरी जिला कलेक्टर लक्ष्मी भव्य तनीरू ने 'उंगलई थेडी, उंगल ओरिल' योजना के तहत पंडालूर तालुक का दौरा किया और जन कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जांची।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • कलेक्टर ने पंडालूर तालुक के विभिन्न गांवों का दौरा कर जन शिकायतों का निवारण किया।
  • मुख्यमंत्री ब्रेकफास्ट योजना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया गया।
  • प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्मित घरों का लाभार्थियों के साथ संवाद किया गया।
  • अस्पताल निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

नीलगिरी जिले के प्रशासन ने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुधवार को, नीलगिरी जिला कलेक्टर लक्ष्मी भव्य तनीरू ने 'उंगलई थेडी, उंगल ओरिल' (Ungalai Thedi, Ungal Ooril) योजना के तहत पंडालूर तालुक का व्यापक दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना, बुनियादी ढांचे का निरीक्षण करना और सीधे ग्रामीणों से संवाद करना था।

शिक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान

कलेक्टर ने नेल्लियालम, चेरांगोड और एरूमड जैसे गांवों का दौरा किया। शिक्षा के क्षेत्र में, उन्होंने चेरांगोड स्थित सरकारी पंचायत यूनियन प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री ब्रेकफास्ट योजना की प्रभावशीलता की जांच की। उन्होंने न केवल परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को देखा, बल्कि स्टॉक रजिस्टर का भी मिलान किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बच्चों को पोषण युक्त आहार समय पर मिल रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार सुनिश्चित करने के लिए, कलेक्टर ने चेरम्बाडी स्थित सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। उन्होंने वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं के स्टॉक और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ₹43 लाख की लागत से निर्माणाधीन अतिरिक्त अस्पताल भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए ताकि जल्द से जल्द यह सुविधा जनता के लिए उपलब्ध हो सके।

ग्रामीण विकास और आवास योजनाएं

प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, उन्होंने चेरांगोड पंचायत कार्यालय और फेयर प्राइस शॉप (उचित मूल्य दुकान) का भी निरीक्षण किया। आवश्यक वस्तुओं की गुणवत्ता और वजन की जांच करने के बाद, वे प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्मित घरों का निरीक्षण करने पहुंचीं। प्रत्येक घर की लागत ₹5.73 लाख है। कलेक्टर ने लाभार्थियों से सीधे बात की और उनकी आवश्यकताओं को समझा, जो यह दर्शाता है कि प्रशासन अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर काम कर रहा है।