मुंबई की विशेष NIA अदालत ने अंतिलिया बम मामले और मनसुख हिराण हत्या मामले में सचिन वाजे की डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि वाजे के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- मुंबई की विशेष NIA अदालत ने सचिन वाजे की डिस्चार्ज अर्जी को खारिज किया।
- अदालत ने कहा कि वाजे के खिलाफ आरोप तय करने के लिए रिकॉर्ड पर 'पर्याप्त से अधिक सामग्री' मौजूद है।
- मामले में अंतिलिया बम कांड और व्यवसायी मनसुख हिराण की हत्या शामिल है।
- न्यायाधीश ने वाजे की 157 पन्नों की अर्जी पर तीखी टिप्पणी की।
मुंबई की एक विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने अंतिलिया बम धमाके के मामले और व्यवसायी मनसुख हिराण की हत्या से जुड़े मामले में बर्खास्त पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने वाजे की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने खुद को इन आरोपों से मुक्त करने (डिस्चार्ज) की मांग की थी।
अदालत की तीखी टिप्पणी
विशेष न्यायाधीश चकोर एस. बाविस्कर ने वाजे द्वारा दायर 157 पन्नों की डिस्चार्ज अर्जी पर बेहद सख्त रुख अपनाया। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस आवेदन में 'तथ्यों और योग्यता' (Merit) के अलावा सब कुछ था। न्यायाधीश ने कटाक्ष किया कि वाजी की अर्जी में कानून, दर्शन और अप्रासंगिक तर्क इतने अधिक थे कि यदि कुछ लाइनें और जुड़ जातीं, तो यह 'ब्रिटैनिका एनसाइक्लोपीडिया' को भी मात दे देती। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोप तय करने के चरण में सबूतों की गहन जांच की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि केवल यह देखना होता है कि क्या आरोपी के खिलाफ मामला बनता है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 25 फरवरी, 2021 का है, जब दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के निवास 'अंतिलिया' के पास एक विस्फोटक से भरी महिंद्रा स्कॉर्पियो खड़ी मिली थी। उस वाहन में 20 जिलेटिन स्टिक और एक धमकी भरा नोट बरामद हुआ था। इसके बाद, स्कॉर्पियो के मालिक व्यवसायी मनसुख हिराण लापता हो गए थे, जिनका शव बाद में ठाणे के एक क्रीक में मिला था।
गंभीर आरोप और साजिश
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि सचिन वाजे ने अमीर व्यक्तियों को डराने और कथित तौर पर एक उच्च राजनीतिक स्तर के लक्ष्य को पूरा करने के लिए धन उगाही करने की साजिश रची थी। आरोप यह भी है कि जब मनसुख हिराण ने विस्फोटक वाली गाड़ी की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया, तो वे इस साजिश के लिए एक 'कमजोर कड़ी' बन गए, जिसके बाद उन्हें खत्म करने की साजिश रची गई। अदालत के इस फैसले के बाद अब वाजे के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी।