गच्चीबौली में पुलिस और नागरिक आपूर्ति विभाग की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में PDS चावल और गेहूं जब्त किया गया। इस घोटाले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जो गरीबों के राशन को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • गच्चीबौली के गोविलडोड्डी गाँव में पुलिस और सतर्कता टीम की बड़ी छापेमारी।
  • 22 टन PDS चावल (फोर्टिफाइड) और 2 टन गेहूं जब्त।
  • पांच आरोपी गिरफ्तार, जिनमें व्यवसायी और ड्राइवर शामिल हैं।
  • गरीबों के लिए आवंटित राशन को कम दाम में खरीदकर कालाबाजारी का आरोप।

हैदराबाद: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के सेरिलिंगमपल्ली मंडल अंतर्गत गोविलडोड्डी गाँव में गुरुवार को एक बड़े अंतरराज्यीय राशन घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। गच्चीबौली पुलिस, नागरिक आपूर्ति विभाग और राज्य सतर्कता टीम के एक संयुक्त अभियान के दौरान, अधिकारियों ने भारी मात्रा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले अनाज को अवैध रूप से स्टोर करते हुए पकड़ा।

छापेमारी का विवरण और जब्ती

अधिकारियों को सूचना मिली थी कि एक सरकारी स्कूल के पीछे और जयभैरी अपार्टमेंट के पास एक खुले प्लॉट में अवैध रूप से अनाज का भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने एक 12-पहिया ट्रक से 520 प्लास्टिक बैग बरामद किए, जिनमें लगभग 22 टन PDS चावल भरा हुआ था। इसके अतिरिक्त, पास के एक परिसर में 2 टन गेहूं के 40 बैग भी पाए गए। जांच में पुष्टि हुई कि चावल 'फोर्टिफाइड राइस कर्नेल' (FRK) युक्त था, जो विशेष रूप से तेलंगाना सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों के लिए भेजा गया था।

गिरफ्तारी और आरोपियों की पहचान

पुलिस ने इस मामले में पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मोहम्मद सामी (27, व्यवसायी), नागेश (20, ड्राइवर), बीरू कुमार (24, ड्राइवर), मोहम्मद मुबीन अहमद कुरैशी (20, ड्राइवर) और अब्दुल नीफ (27, ड्राइवर) के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से अनाज परिवहन में इस्तेमाल होने वाले पांच वाहनों, जिनमें एक बड़ा ट्रक और चार मालवाहक वाहन शामिल हैं, को भी जब्त कर लिया गया है।

कैसे चलाया जा रहा था यह कालाबाजारी का खेल?

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। आरोपी पात्र लाभार्थियों से उनका राशन बहुत ही कम कीमतों पर खरीद लेते थे और फिर उसे खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाते थे। यह कृत्य तेलंगाना राज्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 का सीधा उल्लंघन है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने बड़े खिलाड़ी शामिल हैं और क्या यह गिरोह अन्य जिलों में भी सक्रिय है।