प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत केरल के छह महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस विकास कार्य से राज्य के रेल बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आएगा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छह पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे।
- ये स्टेशन 'अमृत भारत स्टेशन योजना' (ABSS) के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस किए गए हैं।
- कुल विकास लागत करोड़ों में है, जिसमें तिरूर और थलस्सेरी जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
- दक्षिणी रेलवे के तहत अब तक कुल 33 अमृत स्टेशन राष्ट्र को समर्पित किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केरल के रेल नेटवर्क को एक नई ऊंचाई प्रदान करते हुए, अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के अंतर्गत पुनर्विकसित छह प्रमुख रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न होगा, जिसका सीधा प्रसारण विभिन्न स्टेशनों पर आयोजित होने वाले समारोहों में देखा जाएगा।
विकास की लागत और प्रमुख स्टेशन
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत, केरल के विभिन्न डिवीजनों में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प किया गया है। पलक्कड़ डिवीजन के तहत तिरूर, थलस्सेरी, परप्पनंगडी और निलंबूर रोड स्टेशनों का पुनर्विकास किया गया है। विशेष रूप से, तिरूर रेलवे स्टेशन को लगभग ₹26 करोड़ की लागत से आधुनिक बनाया गया है, जबकि थलस्सेरी स्टेशन का पुनर्विकास ₹22 करोड़ से अधिक की लागत से किया गया है।
इसके अतिरिक्त, परप्पनंगडी स्टेशन (₹14 करोड़ से अधिक), निलंबूर रोड (₹17 करोड़), चालकुडी (₹8.87 करोड़) और अंगमली फॉर कालडी (₹9.28 करोड़) को भी विश्व स्तरीय यात्री सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। ये स्टेशन न केवल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देंगे।
दक्षिणी रेलवे का विस्तार और भविष्य की योजना
दक्षिणी रेलवे के लिए यह एक बड़ा मील का पत्थर है। योजना के अनुसार, दक्षिणी रेलवे के कुल 115 स्टेशनों को अमृत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित करने के लिए पहचाना गया है। आज के इस उद्घाटन के साथ, दक्षिणी रेलवे के तहत समर्पित होने वाले कुल अमृत स्टेशनों की संख्या 24 से बढ़कर 33 हो जाएगी।
यह बुनियादी ढांचागत सुधार भारत सरकार के 'गति शक्ति' मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के परिवहन तंत्र को सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाना है। इन स्टेशनों के आधुनिक होने से पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों में भी व्यापक वृद्धि होने की संभावना है।