सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी 1,500 करोड़ रुपये की कुकरैल नाइट सफारी परियोजना को मंजूरी दे दी है। भारत की पहली शहरी नाइट सफारी होने के नाते, यह प्रोजेक्ट राज्य में eco-tourism को एक नया आयाम देने वाला है।

मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट ने 1,500 करोड़ रुपये की कुकरैल नाइट सफारी को हरी झंडी दी।
  • यह भारत का पहला शहरी नाइट सफारी होगा, जो 5,000 हेक्टेयर में फैला है।
  • परियोजना दो चरणों में पूरी होगी और ट्राम सेवा की योजना रद्द कर दी गई है।>

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। देश की सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की उस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। यह प्रोजेक्ट कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट में तैयार किया जाएगा, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए जाना जाता है।

भारत की पहली शहरी नाइट सफारी

यह परियोजना केवल एक साधारण चिड़ियाघर नहीं है, बल्कि इसे भारत का पहला 'अर्बन नाइट सफारी' डिज़ाइन किया गया है। 5,000 हेक्टेयर में फैले विशाल कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट में इसका विकास किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत लगभग 1,500 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो इसे उत्तर प्रदेश के सबसे महंगे पर्यटन प्रोजेक्ट्स में से एक बनाता है। प्रारंभिक योजना के अनुसार इसमें एक ट्राम सेवा शामिल थी, लेकिन अब उस एडवेंचर जोन को खत्म कर दिया गया है जिसमें ट्राम की सुविधा दी जानी थी।

पर्यावरण और पर्यटन का संगम

कुकरैल वन क्षेत्र मगरमच्छ प्रजनन केंद्र के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है, और अब यह नाइट सफारी इसकी ख्याति को और बढ़ा देगा। यह निर्णय उस समय आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए-नए कदम उठा रही है। हालांकि, इतने बड़े वन क्षेत्र में निर्माण कार्य पर्यावरणीय चुनौतियां भी खड़ा करता है। सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी का मतलब है कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के सभी कानूनी और वैधानिक पहलुओं पर विचार किया जा चुका है।

दो चरणों में होगा पूरा

यह विशालकाय प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा होगा, ताकि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में कम से कम हस्तक्षेप हो और निर्माण कार्य कुशलता से पूरा हो सके। नाइट सफारी का मुख्य आकर्षण रात के समय जंगली जानवरों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देखना होगा, जो दिन की सैर के मुकाबले एक अलग औ रोमांचक अनुभव प्रदान करता है। इस प्रोजेक्ट से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।