तमिलनाडु पुलिस महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 'सिंगाप्पेन स्पेशल फोर्स' (SSF) के दूसरे चरण की शुरुआत कर रही है, जिसके तहत 200 अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- सिंगाप्पेन स्पेशल फोर्स (SSF) के दूसरे चरण में 200 नई टीमें जोड़ी जाएंगी।
- DGP महेश कुमार अग्रवाल ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराई।
- कोयंबटूर में नए 'ऑल वुमेन पुलिस स्टेशन' (AWPS) का उद्घाटन किया गया।
- SSF द्वारा त्वरित कार्रवाई और जागरूकता अभियानों के सकारात्मक परिणाम देखे गए हैं।
तमिलनाडु में कानून व्यवस्था और विशेष रूप से महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) महेश कुमार अग्रवाल ने घोषणा की है कि 'सिंगाप्पेन स्पेशल फोर्स' (SSF) का दूसरे चरण में विस्तार किया जाएगा। इस विस्तार के तहत पूरे राज्य में लगभग 200 अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी, जो पहले चरण में शुरू की गई 70 टीमों की सफलता के बाद यह निर्णय लिया गया है।
सुरक्षा तंत्र का व्यापक विस्तार
DGP अग्रवाल ने बताया कि इस विस्तार का लाभ प्रत्येक पुलिस कमिश्नरेट और जिला पुलिस सीमा को मिलेगा। SSF का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाना और समाज में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। उन्होंने कहा कि पहले चरण के दौरान SSF ने न केवल संकट के समय त्वरित कार्रवाई की, बल्कि विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में जाकर जागरूकता अभियान भी चलाए, जिसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।
कोयंबटूर में नई पहल: ऑल वुमेन पुलिस स्टेशन
इस घोषणा के साथ ही, कोयंबटूर में पीलामेडु पुलिस स्टेशन परिसर में नए 'ऑल वुमेन पुलिस स्टेशन' (AWPS), कोयंबटूर ईस्ट का उद्घाटन भी किया गया। यह स्टेशन अब सिंगनल्लूर रेंज के अधिकार क्षेत्र में काम करेगा, जिसमें सरवनमपत्ति, पीलामेडु और सिंगनल्लूर पुलिस स्टेशन की सीमाएं शामिल हैं। इस स्टेशन में 5 विशेष उप-निरीक्षकों सहित कुल 16 महिला कर्मी तैनात की गई हैं, जो महिलाओं की शिकायतों को अधिक संवेदनशीलता के साथ सुनने और सुलझाने में सक्षम होंगी।
अपराध दर और कानूनी कार्रवाई
अपराध के मौजूदा रुझानों पर चर्चा करते हुए, DGP ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में पिछले वर्ष की तुलना में कोई वृद्धि नहीं देखी गई है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हाल के दिनों में इन अपराधों के मामलों में उच्च सजा दर (conviction rate) प्राप्त हुई है, जो अपराधियों के लिए एक कड़ा डर पैदा करेगी। पुलिस का मानना है कि SSF की बढ़ती ताकत और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता भविष्य में अपराधों को रोकने में मील का पत्थर साबित होगी।