केरल में ऑनलाइन टैक्सी चालकों ने उबर के खिलाफ अपनी 'ऑफलाइन हड़ताल' जारी रखने का फैसला किया है, हालांकि उन्होंने केरल सावारी और रैपिडो जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स पर सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं। चालक कमीशन कम करने और फेयर रिवीजन की मांग कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- चालकों ने उबर के खिलाफ अपनी 'ऑफलाइन हड़ताल' जारी रखी है।
- केरल सावारी और रैपिडो जैसे अन्य मोबाइल ऐप्स पर सेवाएं बहाल हो गई हैं।
- मुख्य मांगें: कमीशन में कमी, सरकारी मानदंडों के अनुसार किराया संशोधन और आईडी ब्लॉकिंग पर रोक।
- लगभग 30,000 चालक इस आंदोलन का हिस्सा हैं।
कोच्चि: केरल में ऑनलाइन टैक्सी एग्रीगेटर फर्मों से जुड़े चालकों ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ऑल केरल ऑनलाइन ड्राइवर्स यूनियन एलायंस (AKODUA) के नेतृत्व में, अधिकांश चालकों ने शुक्रवार शाम को उबर (Uber) के खिलाफ अपनी अनिश्चितकालीन 'ऑफलाइन हड़ताल' को जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए उन्होंने केरल सावारी और रैपिडो जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं।
विवाद का मुख्य कारण
चालकों का कहना है कि उबर पिछले एक दशक से उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में किराए पर लिए जाने वाले कमीशन के प्रतिशत को कम करना शामिल है। इसके अलावा, ईंधन की बढ़ती कीमतों, संचालन और रखरखाव के बढ़ते खर्चों को देखते हुए चालक सरकारी मानदंडों के अनुसार फेयर रिवीजन (किराया संशोधन) की भी मांग कर रहे हैं।
चालकों का कहना है कि अत्यधिक कमीशन और मनमाने ढंग से आईडी ब्लॉक करने की नीति उनके आजीविका के लिए खतरा बन गई है।
BozokMedia विश्लेषण: क्या यह डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए चेतावनी है?
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह संघर्ष केवल किराए का नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म बनाम पार्टनर की शक्ति के संतुलन का है। जब बड़े एग्रीगेटर अपनी शर्तों को थोपते हैं, तो चालक संगठित होकर इसका विरोध करते हैं। यदि उबर इन मांगों पर विचार नहीं करता है, तो केरल के प्रमुख शहरों जैसे कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में परिवहन व्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत के विभिन्न राज्यों में कैब एग्रीगेटर्स और ड्राइवरों के बीच यह तनाव पुराना है। पिछले कुछ वर्षों में, ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एग्रीगेटर्स द्वारा एल्गोरिदम-आधारित आईडी ब्लॉकिंग ने ड्राइवरों के बीच असंतोष को और बढ़ा दिया है, जिससे अक्सर इस तरह की हड़तालें देखने को मिलती हैं।
Frequently Asked Questions
1. क्या केरल में सभी टैक्सी सेवाएं बंद हैं?
नहीं, केवल उबर के खिलाफ हड़ताल है। केरल सावारी और रैपिडो जैसी अन्य सेवाएं चालू हैं।
2. चालक मुख्य रूप से क्या मांग रहे हैं?
चालक कम कमीशन, बेहतर किराया दरें और ग्राहकों के फीडबैक के आधार पर आईडी ब्लॉक करने की मनमानी प्रथा को रोकने की मांग कर रहे हैं।