नीट परीक्षा पेपर लीक के बाद बढ़ते छात्र विरोध को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों को इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय होने और युवाओं के साथ सीधे संवाद करने की सलाह दी है।
मुख्य बातें
- PM मोदी ने मंत्रियों को 'इंस्टाग्राम-रेडी' होने का निर्देश दिया।
- छात्रों के विरोध के बाद सरकार का सोशल मीडिया पर सक्रिय होना जरूरी माना जा रहा है।
- मंत्रियों को रील्स और लाइव सत्रों के माध्यम से युवाओं से जुड़ने को कहा गया।
- पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून बनाने पर कैबिनेट में चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगियों से कहा कि उन्हें इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है ताकि वे देश के करोड़ों युवाओं के साथ सीधे जुड़ सकें।
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। प्रधानमंत्री ने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों में मौजूद युवाओं की जनसांख्यिकीय प्रोफाइल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को उसी प्लेटफॉर्म पर पहुंचना चाहिए जिसका उपयोग युवा कर रहे हैं। उन्होंने मंत्रियों को रील्स (Reels) बनाने और लाइव सत्रों (Live Sessions) के माध्यम से सरकार के कार्यों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सरकार अब पारंपरिक संचार के बजाय डिजिटल और दृश्य-आधारित संचार (Visual Communication) की ओर तेजी से बढ़ रही है। छात्र विरोध के बाद, सरकार का उद्देश्य सोशल मीडिया के माध्यम से 'नैरेटिव' को नियंत्रित करना और युवाओं के बीच अपनी छवि को सुधारना है।
डिजिटल सक्रियता अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जनता से जुड़ाव का एक अनिवार्य हिस्सा बन गई है।
बैठक के दौरान, लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन करने पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य परीक्षा पेपर लीक करने वालों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधानों को और सख्त बनाना है। प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन का भी निर्देश दिया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने बड़े पैमाने पर छात्र असंतोष पैदा किया है। इससे निपटने के लिए सरकार ने अब कानूनी ढांचे को मजबूत करने और डिजिटल माध्यमों से सूचना प्रसारित करने की रणनीति अपनाई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को इंस्टाग्राम पर जाने के लिए क्यों कहा?
उत्तर: ताकि मंत्री युवाओं के साथ सीधे संवाद कर सकें और सरकार के कार्यों के बारे में उन्हें जागरूक कर सकें।
प्रश्न 2: पेपर लीक के खिलाफ क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
उत्तर: सरकार कानून को सख्त बना रही है और मामले के त्वरित निपटान के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित कर रही है।