केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने घोषणा की कि पिछले पांच वर्षों में आंध्र प्रदेश के न्यायिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹104.29 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इस दौरान कई कोर्ट कॉम्प्लेक्स पूरे हुए हैं, हालांकि न्यायिक पदों पर रिक्तियां एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

मुख्य बिंदु

  • पिछले 5 वर्षों में आंध्र प्रदेश को ₹104.29 करोड़ की सहायता मिली।
  • 10 कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हैं, जबकि 24 निर्माणाधीन हैं।
  • राज्य में 875 स्वीकृत पदों के मुकाबले 137 न्यायिक पद खाली हैं।

केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संसद में जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों के दौरान आंध्र प्रदेश में न्यायिक बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए कुल ₹104.29 करोड़ की राशि जारी की है। यह जानकारी नेल्लोर के सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी गई।

मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 10 कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण पूरा हो चुका है और वे कार्यात्मक हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य के विभिन्न हिस्सों में 24 अन्य कोर्ट कॉम्प्लेक्स निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। योजना का उद्देश्य कोर्ट हॉल, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय इकाइयां, वकीलों के हॉल और डिजिटल कंप्यूटर रूम का निर्माण करना है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि न्यायिक बुनियादी ढांचे में निवेश सीधे तौर पर न्याय वितरण की गति को प्रभावित करता है। बुनियादी ढांचे की कमी और रिक्त पदों का संयोजन कानूनी प्रक्रियाओं में देरी का एक प्रमुख कारण बन सकता है, जिससे आम नागरिक प्रभावित होते हैं।

न्यायिक बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और रिक्त पदों को भरना त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि जिला और अधीनस्थ न्यायालयों के बुनियादी ढांचे के विकास की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की है, लेकिन केंद्र सरकार 1993-94 से राज्यों के संसाधनों को बढ़ाने के लिए इस योजना को लागू कर रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए आंध्र प्रदेश को ₹8.79 करोड़ की प्रारंभिक मंजूरी दी गई है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में न्यायिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार की सहायता योजना दशकों से चली आ रही है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य स्तर पर अदालतों के भौतिक स्वरूप को आधुनिक बनाना और डिजिटल युग के अनुसार कोर्ट रूम को सुसज्जित करना है ताकि न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता आए।

क्या आप जानते हैं?: केंद्र सरकार अब 'न्याय विकास पोर्टल' का उपयोग करके इन सभी निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी करती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: आंध्र प्रदेश में वर्तमान में कितने न्यायिक पद खाली हैं?
उत्तर: राज्य में 875 स्वीकृत पदों के मुकाबले वर्तमान में 137 न्यायिक पद खाली हैं।

प्रश्न 2: केंद्र सरकार इस फंड का उपयोग किन सुविधाओं के लिए कर रही है?
उत्तर: इस फंड का उपयोग कोर्ट हॉल, वकीलों के कक्ष, आवासीय परिसर और डिजिटल कंप्यूटर रूम बनाने के लिए किया जा रहा है।