भारत ने पाकिस्तान के उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया था कि भारत ने जानबूझकर पानी छोड़ा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चिनाब नदी का बढ़ता जलस्तर केवल भारी मानसूनी बारिश का परिणाम है।

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मुख्य बिंदु

  • भारत ने पाकिस्तान के 'पानी छोड़ने' के आरोपों को तथ्यों के विपरीत बताया।
  • चिनाब नदी में जलस्तर बढ़ने का कारण जम्मू क्षेत्र में हुई भारी मानसूनी बारिश है।
  • पाकिस्तान के अपने फ्लड फोरकास्टिंग डिवीजन ने भी बारिश को ही कारण माना था।
  • भारत ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं।

नई दिल्ली: पाकिस्तान द्वारा लगाए गए भारत पर जानबूझकर पानी छोड़ने के आरोपों को भारत सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन दावों को 'बेबुनियाद और तथ्यों के विपरीत' करार देते हुए स्पष्ट किया कि चिनाब नदी में बढ़ते जलस्तर का एकमात्र कारण जम्मू और उसके आसपास के इलाकों में हुई अत्यधिक मानसूनी बारिश है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जानकारी दी कि 20 से 23 जुलाई 2026 के बीच चिनाब नदी के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश दर्ज की गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि नदी के बहाव में वृद्धि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसमें भारत की कोई मानवीय हस्तक्षेप या जानबूझकर की गई कार्रवाई शामिल नहीं है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह विवाद केवल जल प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) और क्षेत्रीय संप्रभुता के मुद्दों से भी जुड़ा है। पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ उठाई जा रही आवाजें अक्सर द्विपक्षीय मुद्दों को बहुपक्षीय मंचों पर ले जाने की कोशिश करती हैं, जिसे भारत ने कड़ा विरोध जताया है।

"नदी का जलस्तर बढ़ना एक प्राकृतिक मौसमी घटना है, न कि किसी कृत्रिम हस्तक्षेप का परिणाम।"

भारत ने पाकिस्तान के उस दावे को भी गलत बताया जिसमें कहा गया था कि भारत ने बाढ़ की पूर्व सूचना नहीं दी। मंत्रालय के अनुसार, जलस्तर उस स्तर तक नहीं पहुंचा था जिसके लिए विशेष 'फ्लड अलर्ट' जारी करने की आवश्यकता हो। इसके अलावा, भारत ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अटूट हिस्से हैं और पाकिस्तान को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी, जो नदियों के पानी के बंटवारे को नियंत्रित करती है। पिछले कुछ वर्षों में, जल प्रबंधन और नदी प्रवाह के डेटा को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव कई बार देखा गया है।

क्या आप जानते हैं?: चिनाब नदी सिंधु नदी तंत्र की एक प्रमुख सहायक नदी है, जो हिमालयी क्षेत्र से होकर बहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पाकिस्तान के आरोप क्या थे?
पाकिस्तान का दावा था कि भारत ने जानबूझकर चिनाब नदी में पानी छोड़ा, जिससे वहां बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

2. भारत का रुख क्या है?
भारत का कहना है कि यह जलस्तर वृद्धि केवल भारी मानसूनी बारिश के कारण हुई है और पाकिस्तान के दावे निराधार हैं।