कर्नाटक में पिछले तीन वर्षों में टोल प्लाजा पर कर्मचारियों के दुर्व्यवहार और मारपीट की 4,884 शिकायतें मिलीं। राहत की बात यह है कि इनमें से लगभग सभी मामलों का निपटारा कर दिया गया है।

मुख्य बातें

  • कर्नाटक में टोल प्लाजा से जुड़ी 4,884 शिकायतें दर्ज की गईं।
  • 99.8% शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है।
  • शिकायतों के मुख्य कारण: कर्मचारियों का बुरा व्यवहार, मारपीट और अत्यधिक प्रतीक्षा समय।
  • देशभर में टोल ऑपरेटरों पर ₹5.53 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है।

कर्नाटक: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी हालिया आंकड़ों ने कर्नाटक के नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर यात्रियों के अनुभवों पर चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। पिछले तीन वर्षों के दौरान, राज्य में टोल प्लाजा से संबंधित कुल 4,884 शिकायतें दर्ज की गई थीं।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि इन शिकायतों में कर्मचारियों का दुर्व्यवहार, शारीरिक हमला और टोल पर अत्यधिक प्रतीक्षा समय जैसे गंभीर मुद्दे शामिल थे। हालांकि, प्रशासन की कार्यक्षमता का एक सकारात्मक पहलू यह है कि 4,879 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि केवल पांच मामले लंबित हैं।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि टोल प्लाजा पर यात्रियों के साथ होने वाली घटनाएं न केवल असुविधाजनक हैं, बल्कि यह सुरक्षा और मानवाधिकारों का भी मुद्दा है। शिकायतों का उच्च समाधान दर (99.8%) यह दर्शाता है कि शिकायत निवारण तंत्र सक्रिय है, लेकिन शिकायतों की इतनी बड़ी संख्या बुनियादी बुनियादी ढांचे और स्टाफ प्रशिक्षण में सुधार की आवश्यकता की ओर इशारा करती है।

NHAI के अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों के दुर्व्यवहार और शारीरिक हिंसा के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई जा रही है।

मंत्रालय ने यह भी खुलासा किया कि देशभर में टोल ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। पिछले तीन वर्षों में 146 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और कुल ₹5.53 करोड़ का जुर्माना लगाया गया। गंभीर मामलों में, टोल संचालन अनुबंधों को भी रद्द किया गया है।

तुलनात्मक आंकड़े: शिकायतें (राज्यों के अनुसार)

राज्यशिकायतों की संख्या
दिल्ली19,461
गुजरात11,026
राजस्थान8,837
उत्तर प्रदेश8,697
कर्नाटक4,884

शिकायतें दर्ज करने के लिए यात्री 1033 नेशनल हाईवे हेल्पलाइन, राजमार्ग यात्रा ऐप और सार्वजनिक शिकायत पोर्टल जैसे विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं।

क्या आप जानते हैं?: यदि टोल प्लाजा पर हिंसा की घटना होती है, तो NHAI नियमों के अनुसार टोल प्रबंधक को तुरंत FIR दर्ज कराना अनिवार्य है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. टोल प्लाजा पर शिकायत कैसे दर्ज करें?
आप 1033 हेल्पलाइन, राजमार्ग यात्रा ऐप या सार्वजनिक शिकायत पोर्टल के माध्यम से शिकायत कर सकते हैं।

2. क्या खराब व्यवहार के लिए टोल ऑपरेटर को सजा मिलती है?
हाँ, गंभीर दुर्व्यवहार के मामले में टोल ऑपरेटर का अनुबंध तुरंत रद्द किया जा सकता है।