देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों के बाद केंद्र ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में 47 कर्मचारियों को हटाया और DG‑स्तर के IPS अधिकारी को प्रमुख जिम्मेदारी देने की तैयारी की है। यह कदम परीक्षा सुरक्षा, प्रश्नपत्र गोपनीयता और साइबर निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए उठाया गया है।
मुख्य बिंदु
- केंद्र ने NTA के 47 कर्मचारियों को पद से हटाया।
- राजस्थान के DG‑स्तर के IPS को NTA में महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
- परीक्षा सुरक्षा, प्रश्नपत्र गोपनीयता एवं साइबर निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए नया मॉडल तैयार किया जा रहा है।
केंद्रीय स्तर पर प्रशासनिक सुधार
देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं पर प्रश्न उठने के बाद, केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में व्यापक बदलाव की घोषणा की। प्रो. प्रदीप कुमार जोशी, जो अगस्त 2023 से चेयरपर्सन हैं, अब एक वरिष्ठ IPS अधिकारी के साथ मिलकर एजेंसी के संचालन को पुनः संरचित करेंगे।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
2024 में हुई NEET पेपर लीक और उसके बाद के व्यापक विरोध ने परीक्षा प्रणाली में भरोसे को कमजोर कर दिया। उसी वर्ष, NTA के डायरेक्टर जनरल (DG) सुबोध कुमार सिंह को हटाया गया और रिटायर IAS प्रदीप सिंह खरोला को अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया। यह पहला ऐसा कदम था जब एजेंसी में शीर्ष स्तर पर बदलाव किया गया।
नई जिम्मेदारी का स्वरूप
केंद्र सरकार ने इस बात पर चर्चा शुरू कर दी है कि राजस्थान के महानिदेशक स्तर के IPS अधिकारी को NTA में कौन-सी प्रमुख जिम्मेदारियां दी जाएँगी। प्राथमिक फोकस परीक्षा सुरक्षा, प्रश्नपत्र की गोपनीयता, साइबर निगरानी और राज्य पुलिस तंत्र के साथ बेहतर समन्वय पर रहेगा। अभी तक किसी भी IPS को NTA में नियुक्त नहीं किया गया है, जिससे यह कदम और भी उल्लेखनीय बनता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that placing a senior IPS officer at the helm of NTA could dramatically reduce leak incidents and restore public confidence, thereby safeguarding millions of aspirants’ futures.
"एक वरिष्ठ IPS अधिकारी की सहभागिता परीक्षा सुरक्षा को बहु‑आयामी बनाकर लीक की संभावनाओं को न्यूनतम कर सकती है," कहा विशेषज्ञ प्रो. अनिल शर्मा ने।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या IPS अधिकारी को NTA के सभी विभागों का नियंत्रण मिलेगा?
A: अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्राथमिक जिम्मेदारी परीक्षा सुरक्षा और साइबर मॉनिटरिंग पर होगी।
Q2: इस बदलाव से छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?
A: अपेक्षा है कि परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में पेपर लीक जैसी समस्याओं की संभावना घटेगी।