बैंक ऑफ़ बरौदा के प्रबंध निदेशक देबदत्ता चंद ने FCNR(B), MTN और OFCB के माध्यम से $4‑5 अरब जुटाने और ₹17‑18 करोड़ के बल्क जमा को प्रतिस्थापित करने की योजना बताई। बैंक अगले कुछ वर्षों में अपने विदेशी बुक को कुल व्यापार का 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।
मुख्य बिंदु
- FCNR(B) जमा से ₹17‑18 करोड़ के बल्क जमा को हटाने की उम्मीद
- $4‑5 अरब की विदेशी फंडिंग लक्ष्य, जिसमें FCNR, MTN और OFCB शामिल
- अगले दो वर्षों में विदेशी बुक का शेयर 19‑20% तक बढ़ाने की योजना
बैंक ऑफ़ बरौदा का नया विदेशी निधि लक्ष्य
प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी देबदत्ता चंद ने कहा कि बैंक FCNR(B) जमा, मिडियम टर्म नोट्स (MTN) और ओवरसीज़ फ़ॉरेन करंसी बॉरोइंग्स (OFCB) के माध्यम से $4‑5 अरब जुटाने की योजना बना रहा है, जिससे ₹17‑18 करोड़ के बल्क जमा को सीधे प्रतिस्थापित किया जा सके।
FCNR(B) जमा की वर्तमान स्थिति
अब तक बैंक ने लगभग $700 मिलियन FCNR(B) जमा mobilise किए हैं और जुलाई के अंत तक $1 अरब से अधिक जुटाने की उम्मीद है। चंद ने उल्लेख किया कि कुल लक्ष्य का कम से कम $2 अरब हिस्सा FCNR(B) से आएगा।
आरबीआई स्वैप विंडो और फंडिंग विविधीकरण
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने विदेशी मुद्रा जमा आकर्षित करने के लिए एक अस्थायी स्वैप सुविधा शुरू की है, जिससे बैंकों को बल्क जमा पर निर्भरता घटाने का अवसर मिला है। बरौदा इस अवसर का उपयोग करके अपने फंडिंग स्रोतों को विविधीकृत कर रहा है।
बल्क जमा और घरेलू जमा की स्थिति
30 जून 2026 तक, बल्क जमा (जिसमें डिपॉज़िट सर्टिफ़िकेट शामिल हैं) ₹3.18 लाख करोड़ पर रहा, जबकि घरेलू जमा 14.7% YoY वृद्धि के साथ ₹13.82 लाख करोड़ तक पहुंचा। विदेशी जमा भी 13.8% बढ़कर ₹16.34 लाख करोड़ हो गया।
विदेशी विस्तार और ECB अंडरराइटिंग
बैंक लगभग $1.5 अरब के एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ECB) को अंडरराइट कर रहा है, जो स्वैप फ्रेमवर्क के तहत भारत में प्रवाहित होंगे। चंद ने कहा कि यह विदेशी बुक को 16‑17% से बढ़ाकर 19‑20% तक ले जाने में मदद करेगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the aggressive overseas fundraising and the push to replace bulk deposits signal a strategic shift for public sector banks toward more stable, foreign‑currency liabilities, enhancing resilience against domestic liquidity shocks.
यह कदम भारतीय सार्वजनिक क्षेत्रों को वैश्विक फंडिंग बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाता है।
Frequently Asked Questions
- प्रश्न: FCNR(B) जमा किस प्रकार के निवेशकों के लिए उपलब्ध है?
उत्तर: यह मुख्यतः गैर‑निवासी भारतीय (NRI) और ओवरसीज़ भारतीय (OCI) निवेशकों के लिए है। - प्रश्न: बरौदा की विदेशी बुक के विस्तार से भारतीय कंपनियों को क्या लाभ होगा?
उत्तर: बेहतर विदेशी फंडिंग तक पहुँच और अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं पूंजी प्रवाह में सहजता।