एक नए डॉक्यूमेंट्री फुटेज ने अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के चौंकाने वाले दावे किए हैं, जिसमें वे ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने पर खुशी से झूमते और रोते हुए नजर आए हैं।

मुख्य बातें

  • सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने दावा किया कि उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर हमला करने के लिए राजी किया।
  • लीक हुए फुटेज में ग्राहम को युद्ध की शुरुआत पर 'खुशी के आंसू' बहाते हुए दिखाया गया है।
  • ग्राहम ने ट्रंप और नेतन्याहू की तुलना रूजवेल्ट और चर्चिल से की।
  • फुटेज में ग्राहम द्वारा लेबनान पर भी हमले के लिए दबाव बनाने की कोशिश का खुलासा हुआ है।

हाल ही में जारी किए गए डॉक्यूमेंट्री फुटेज ने अमेरिकी राजनीति के एक बेहद विवादास्पद और चौंकाने वाले पहलू को उजागर किया है। दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम, जो डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी माने जाते थे, युद्ध के प्रति अपने उग्र रुख के लिए चर्चा में हैं। फुटेज से पता चलता है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली सैन्य कार्रवाई शुरू होने पर ग्राहम इतने उत्साहित थे कि उन्होंने 'खुशी के आंसू' बहाए।

युद्ध का रणनीतिकार

ब्रिटिश फिल्म निर्माता एलेक्स होल्डर द्वारा तैयार की गई डॉक्यूमेंट्री में 400 घंटों से अधिक के फुटेज शामिल हैं। इसमें ग्राहम को यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर हमला करने के लिए प्रेरित किया था, जबकि ट्रंप के कई अन्य सलाहकार इसके खिलाफ थे। ग्राहम ने इस गठबंधन की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट और विंस्टन चर्चिल की जोड़ी से की।

ग्राहम का व्यवहार यह दर्शाता है कि कैसे व्यक्तिगत प्रभाव और युद्ध की मानसिकता वैश्विक भू-राजनीति को आकार दे सकती है।

फुटेज का एक अन्य हिस्सा बेंजामिन नेतन्याहू के साथ ग्राहम की टेलीफोनिक बातचीत को दिखाता है। इस बातचीत में ग्राहम ने नेतन्याहू को 'बीबी' कहकर संबोधित किया और लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी करने के लिए ट्रंप को मनाने की पेशकश की। हालांकि, नेतन्याहू ने फिलहाल ईरान पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हुए इस प्रस्ताव को टाल दिया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह खुलासा केवल एक व्यक्ति के बारे में नहीं है, बल्कि यह उन पर्दे के पीछे की राजनीति को उजागर करता है जो बड़े पैमाने पर सैन्य संघर्षों का कारण बनती है। ग्राहम जैसे कट्टरपंथियों का प्रभाव सीधे तौर पर अमेरिकी विदेश नीति और मध्य पूर्व की स्थिरता को प्रभावित करता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

लिंडसे ग्राहम दशकों तक अमेरिकी सीनेट में एक प्रमुख 'हॉक' (युद्ध समर्थक) के रूप में जाने जाते थे। उनका राजनीतिक करियर हमेशा से ही इज़राइल के प्रति अटूट समर्थन और ईरान के प्रति सख्त रुख पर केंद्रित रहा है, जो अक्सर अमेरिकी प्रशासन के भीतर आंतरिक संघर्षों का कारण बनता था।

क्या आप जानते हैं?: लिंडसे ग्राहम ने अपने करियर में कई बार अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के लिए राष्ट्रपति कार्यालय पर दबाव बनाने की कोशिश की थी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: लिंडसे ग्राहम की मृत्यु कब हुई?
उत्तर: लिंडसे ग्राहम का निधन 11 जुलाई को 71 वर्ष की आयु में हुआ।

प्रश्न 2: फुटेज का स्रोत क्या है?
उत्तर: यह फुटेज ब्रिटिश फिल्म निर्माता एलेक्स होल्डर की आगामी डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा है।