कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना के लिए आठ में से सातवें एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) जहाज, 'मछलीपट्टनम' को लॉन्च किया है। यह अत्याधुनिक युद्धपोत तटीय सुरक्षा और पनडुब्बी रोधी अभियानों में भारत की क्षमता को मजबूत करेगा।

मुख्य बातें

  • कोचीन शिपयार्ड ने सातवां ASW शललो वॉटर क्राफ्ट 'मछलीपट्टनम' लॉन्च किया।
  • यह जहाज 78 मीटर लंबा है और 25 नॉट की अधिकतम गति से चल सकता है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में पनडुब्बी रोधी और माइन लेइंग ऑपरेशन करना है।

कोच्चि: भारत की समुद्री सुरक्षा की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल करते हुए, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) ने बुधवार को भारतीय नौसेना के लिए निर्मित आठ जहाजों की श्रृंखला में सातवें एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) शललो वॉटर क्राफ्ट, 'मछलीपट्टनम' को लॉन्च किया।

इस भव्य समारोह में गुलरुख आनंद ने जहाज का अनावरण किया, जिसमें वाइस एडमिरल अतुल आनंद सहित कई वरिष्ठ नौसेना अधिकारी और CSL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जोस वी.जे. उपस्थित थे। यह नया युद्धपोत भारत की तटीय रक्षा प्रणाली को अभेद्य बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

तकनीकी क्षमताएं

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 'मछलीपट्टनम' की लंबाई 78.0 मीटर और चौड़ाई 11.36 मीटर है। इसकी अधिकतम गति 25 नॉट है और यह 1,800 समुद्री मील की यात्रा क्षमता (endurance) रखता है। जहाज का वजन लगभग 900 टन है, जो इसे तटीय और उथले पानी के ऑपरेशनों के लिए अत्यधिक कुशल बनाता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस प्रकार के स्वदेशी युद्धपोतों का निर्माण 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को गति दे रहा है। ये जहाज न केवल पनडुब्बी रोधी अभियानों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये तटीय क्षेत्रों में निगरानी और समुद्री बारूदी सुरंगों (mine laying) के संचालन में भी सक्षम हैं।

स्वदेशी तकनीक से निर्मित ये युद्धपोत हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करेंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

माहे-श्रेणी के ये ASW शललो वॉटर क्राफ्ट विशेष रूप से भारत के विशाल तटों की रक्षा के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इनका उद्देश्य दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना है, जो आधुनिक समुद्री युद्ध का एक प्रमुख हिस्सा है।

क्या आप जानते हैं?: इस जहाज का नाम आंध्र प्रदेश के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर 'मछलीपट्टनम' के नाम पर रखा गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. इस जहाज का मुख्य कार्य क्या है?
इसका मुख्य कार्य तटीय पानी में पनडुब्बी रोधी अभियान चलाना और समुद्री निगरानी करना है।

2. यह जहाज कितनी गति से चल सकता है?
मछलीपट्टनम जहाज अधिकतम 25 नॉट की रफ्तार से चल सकता है।