भारत सरकार ने RBI के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिससे ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों का फील्ड ट्रायल शुरू होगा। मौजूदा कागजी नोटों को अभी बदलने की कोई योजना नहीं है।

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मुख्य बिंदु

  • RBI के ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों का प्रस्ताव मंजूर
  • प्रारम्भिक फील्ड ट्रायल में 100 करोड़ नोटों की योजना
  • कागजी नोटों को तुरंत हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं

नई दिल्ली (28 जुलाई 2026) – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी, जिससे जल्द ही ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक (पॉलिमर) नोट बाजार में आएँगे। यह कदम मौजूदा कागजी नोटों के साथ-साथ चलाया जाएगा, जिससे दोनों प्रकार की मुद्रा एक साथ सर्कुलेशन में रहेंगी।

सरकार ने बताया कि प्रारम्भिक फील्ड ट्रायल में प्रत्येक मूल्य के 100 करोड़ (एक‑एक अरब) प्लास्टिक नोट जारी किए जायेंगे। यदि ट्रायल सफल रहा, तो इन नोटों को नियमित रूप से जारी करने की योजना है। इस बीच, मौजूदा कागजी नोटों की वैधता बनी रहेगी, और उन्हें तुरंत हटाने का कोई इरादा नहीं है।

यह क्यों मायने रखता है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि प्लास्टिक नोटों का परिचय भारतीय मुद्रा प्रणाली में टिकाऊपन और सुरक्षा बढ़ा सकता है, जबकि डिजिटल भुगतान के विस्तार को भी प्रोत्साहित करेगा।

"प्लास्टिक नोटों की लंबी आयु और नकली बनाना कठिन होने की वजह से यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक रणनीतिक कदम है," RBI गवर्नर ने कहा।
क्या आप जानते हैं?: प्लास्टिक नोटों का पहला प्रयोग 1988 में ऑस्ट्रेलिया में हुआ था और अब 50 से अधिक देशों में उपयोग किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या प्लास्टिक नोटों से कागजी नोटों को पूरी तरह बदल दिया जाएगा?

उत्तर: अभी के लिए ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है; दोनों प्रकार की नोटें साथ-साथ चलेंगी।

प्रश्न 2: प्लास्टिक नोटों की सुरक्षा विशेषताएँ क्या हैं?

उत्तर: ये नोट अधिक टिकाऊ, जलरोधक और नकली बनाना कठिन होते हैं, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होती है।