उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर' अभियान के पहले 100 दिनों में प्रशासन ने हजारों तस्करों को पकड़ा है और करोड़ों की संपत्ति कुर्क की है।
मुख्य बातें
- 100 दिनों में 2,581 नशा तस्करों की गिरफ्तारी।
- ₹188.89 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त।
- 1,431 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद।
- नशा पीड़ितों के लिए नई पुनर्वास योजना की घोषणा।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर' अभियान के सफल 100 दिनों की उपलब्धि साझा की। उन्होंने बताया कि प्रशासन न केवल नशा तस्करों को पकड़ रहा है, बल्कि उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए उनकी आर्थिक कमर भी तोड़ रहा है।
अभियान की बड़ी सफलता
उपराज्यपाल के अनुसार, इस अभियान के दौरान 2,581 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 1,431 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नशा तस्करी से अर्जित ₹188.89 करोड़ की संपत्ति को प्रशासन ने जब्त कर लिया है। सिन्हा ने स्पष्ट किया कि ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने और पासपोर्ट निलंबन जैसे कड़े कदमों से यह संदेश दिया गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि जम्मू-कश्मीर में नशा केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि 'नार्को-टेररिज्म' (नशा-आतंकवाद) का एक हिस्सा है। तस्करों द्वारा नशीले पदार्थों के माध्यम से युवाओं को निशाना बनाना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। प्रशासन द्वारा संपत्ति की जब्ती सीधे तौर पर तस्करी के वित्तीय ढांचे पर प्रहार करती है।
"हम नार्को-टेरर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं; हमारा लक्ष्य केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनके साम्राज्य का विनाश है।"
पुनर्वास के लिए नई योजना
सिन्हा ने घोषणा की कि प्रशासन जल्द ही 'नशा पीड़ितों के लिए पुनर्वास और सामाजिक-आर्थिक एकीकरण योजना, 2026' शुरू करेगा। यह तीन चरणों वाली योजना होगी: पहले चरण में चिकित्सा और थेरेपी, दूसरे में शिक्षा और रोजगार, और तीसरे में सामुदायिक समर्थन के माध्यम से पुनरावृत्ति को रोकना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इसका उद्देश्य नार्को-टेरर नेटवर्क को खत्म करना और युवाओं को नशे की लत से बचाकर मुख्यधारा में वापस लाना है।
2. नई पुनर्वास योजना कैसे काम करेगी?
यह एक 3-वर्षीय चक्र है जिसमें चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक एकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।